हरियाणा सरकार बिजली वितरण निगमों के मुख्यालय व फील्ड कार्यालयों के स्टाफ ढांचे का पुनर्गठन करने जा रही है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने इस पर अमल शुरू कर दिया है। अस्वीकृत पदों पर लगे बिजली कर्मचारियों को अनुबंध से बाहर किया जाएगा। वे आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 की जगह पार्ट-1 में शामिल किए जाएंगे। उन्हें ठेकेदार या निगम में कम वेतन पर काम करना होगा।
निगम ने विजिलेंस निदेशक पंचकूला, सभी चीफ इंजीनियर, मुख्य वित्त अधिकारी, एलआर, कंपनी सचिव, चीफ ऑडिटर, सभी अधीक्षण, अधिशासी अभियंता, उप सचिव व अवर सचिव को इस निर्णय से अवगत करा दिया है। उन्हें 8 अक्तूबर को उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम मुख्यालय ने पत्र भेजा है।
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इसमें बताया है कि 15 फरवरी 2021 को हुए निर्णय को लागू किया जा रहा है। उस अनुसार तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के अनेक पद खत्म होंगे। खत्म होने वाले कुछ पदों पर निगम मुख्यालय में भी कर्मचारी अस्वीकृत पदों के विरुद्ध आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के तहत कार्यरत हैं। उनको भी आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 का कर्मचारी माना जाएगा। यह आदेश मुख्य अभियंता प्रशासन की अनुमति के बाद जारी किए गए हैं। जिन पर तुरंत अमल करें।