कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्रवार को शाही शानो-शौकत के साथ अमृतसर पहुंचेंगे। अमृतसर में रोड शो के साथ वह अपनी चुनावी मुहिम का आगाज भी करेंगे।
भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली भी शुक्रवार को अमृतसर में ही होंगे। अमृतसर हलके में पहली बार दोनों दिग्गज आमने-सामने होंगे।
कैप्टन का भव्य काफिला जालंधर से शुरू होगा। इस दौरान कैप्टन के तमाम करीबी उनके साथ होंगे। जालंधर से लेकर अमृतसर तक उनका रेड कारपेट वेलकम होगा।
दोपहर बारह बजे यह काफिला अमृतसर पहुंचेगा। यहां चार घंटे का रोड शो होगा। रोड शो दरबार साहिब पर खत्म होगा। यहां कैप्टन दरबार साहिब और दुर्ग्याणा मंदिर में मत्था टेकेंगे।
इसके बाद अमृतसर से वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और कई बार सांसद रहे रघुनंदन लाल भाटिया के घर जाएंगे। कैप्टन की टीम इस रोड शो को सफल बनाने में जुट गई है। जेटली ने भी अपनी शुरुआत रोड शो से की थी।
अब कैप्टन टीम की योजना है कि इस रोड शो को इतना भव्य बनाया जाए कि जेटली का शो फीका नजर आए, जिससे कांग्रेस चुनाव प्रचार के पहले चरण में मनोवैज्ञानिक बढ़त बना सके।
तीन मंत्रियों, तीन सीपीएस की प्रतिष्ठा दांव पर
अमृतसर, पंजाब का अकेला ऐसा लोकसभा हलका है, जहां के विधायकों को सरकार में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया गया।
अमृतसर लोकसभा हलके से अकाली-भाजपा के छह विधायक जीते। इनमें से तीन को कैबिनेट मंत्री और बाकी तीनों को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया।
अब इन सभी नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। अमृतसर सीट अब गठबंधन के लिए इज्जत का सवाल बन चुकी है। जेटली के साथ डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का सम्मान यहां से जुड़ गया है।
कांग्रेस के बागी कैप्टन के साथ
अकाली-भाजपा गठबंधन चुनाव प्रचार में दावा कर रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां की सभी सीटों पर करीब 93 हजार वोटों की लीड ली थी।
इसलिए लोकसभा चुनाव वह आसानी से जीत जाएंगे। उधर, कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दो नेता बागी होकर लड़े और दूसरे स्थान पर रहे थे।
इनमें लाली मजीठिया और सिमरप्रीत कौर को करीब 51 हजार वोट मिले थे। ये दोनों ही नेता अब कैप्टन अमरिंदर के साथ हैं।