पंजाब में लोकसभा चुनावों को लेकर लागू चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलने वाली निशुल्क पुस्तकों पर रोक लगा दी है।
स्कूल शिक्षा सचिव अंजली भांवरा द्वारा इस संबंध में जारी निर्देशों के कारण इस बार सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने वाले लाखों विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
यह रोक चुनाव आयोग की मंजूरी न मिलने तक जारी रहेगी हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों को भेजी जाने वाली पुस्तकों में किसी प्रकार की राजनीतिक सामग्री व चित्र का प्रयोग नहीं होता, लेकिन हाल में संगरूर जिले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की फोटो वाली साइकिलें जब्त होने के बाद शिक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है और वह कोई नई मुसीबत मोल नहीं लेना चाहता है। बीते दिन जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की ओर से माई भागो योजना में साइकिलों के आवंटन पर भी रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए थे।
एक अप्रैल से शुरू होने हैं स्कूलों में दाखिले
उधर एक अप्रैल से सरकारी स्कूलों में दाखिले शुरू होने वाले हैं। पुस्तकों के वितरण पर रोक लगने के बाद प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में पुस्तकें पहुंचने का काम ठप पड़ गया है। ये पुस्तकें सर्व शिक्षा अभियान और पंजाब कल्याण बोर्ड की योजनाओं के तहत सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को नि:शुल्क मुहैया कराई जाती हैं और बच्चों को दाखिला होने के साथ ही दे दी जाती हैं।