होला-मोहल्ला के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में शिअद को जनसभा करने की मंजूरी नहीं मिली है।
भारतीय चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि धार्मिक संस्थाओं या उनकी मलकीयत वाले मैदानों पर कोई जनसभा आयोजित न की जाए।
पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग ने रिलीजिय इंस्टीट्यूशंस (प्रीवेंशन ऑपु मिसयूज) एक्ट, 1988 के हवाले से कहा है कि राजनीतिक पार्टियों व उम्मीदवारों को धार्मिक स्थानों या धार्मिक अवसरों का प्रयोग चुनाव के लिए न करने की सलाह दी जाए।
इस प्रकार होल्ला-मोहल्ला पर शिअद कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर चल रहा असमंजस शनिवार को समाप्त हो गया। इस संबंध में मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने गत शुक्रवार को रूपनगर के डीसी की रिपोर्ट भारतीय चुनाव आयोग को संबंधित निर्देश जारी करने के लिए भेजी थी।
इसका जवाब शनिवार देर शाम आया और शिअद के मंसूबों पर पानी फिर गया। इससे पहले दिन में शिअद महासचिव व श्री आनंदपुर साहिब से प्रत्याशी प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और पार्टी प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह से मिले व रैली की अनुमति मिलने में हो रही देरी पर चिंता जाहिर की।
उन्होंने कहा कि शिअद ने एसजीपीसी से कांफ्रेस वाली जगह किराए पर ली है और बाकायदा टैंट, साउंड, बैनर आदि पार्टी खर्च पर लगाए गए हैं। यह भी कहा कि पहले भी चुनाव के दौरान यहां रैलियां होती रही हैं।
अकाली दल बीते लंबे समय से उक्त स्थान पर रैली करता आ रहा है और इस बार भी धार्मिक व समाजिक विषय को लेकर रैली की जाएगी। उक्त नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की ओर से आंतरिक कलह के चलते अपनी रैली स्थगित की गई है। ध्यान रहे कि कांग्रेस ने शिअद के रैली स्थल को गुरुद्वारा परिसर का हिस्सा बताते हुए, यहां रैली की इजाजत न देने की आयोग से मांग की थी। इस पर आयोग ने रैली पर रोक लगाते हुए अपना फैसला दे दिया।