वोट अपनी मर्जी से दिया
कोई भी चुनाव हो, मैं मतदान करना नहीं भूलती। वोट मैं अपनी मर्जी से देती हूं, किसी का कोई दबाव नहीं रहता। बुढ़ापा जरूर आ गया है, पर वोट के लिए कभी पैर नहीं रुके।
-प्रीतम कौर, सारंगपुर बूथ पर पहुंचीं 70 वर्षीय वोटर
101 वर्षीय एमएस ढिल्लों ने भी डाला वोट
सेक्टर-33 स्थित सरकारी स्कूल में बने मतदान केंद्र पर सेना से रिटायर्ड 101 वर्षीय एमएस ढिल्लों वोट डालने पहुंचे। व्हीलचेयर पर अपने परिजन के साथ पहुंचे ढिल्लों कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे लेकिन उनके चेहरे से उत्साह झलक रहा था।
99 वर्षीय बुजुर्ग ने दिखाया मतदान का जोश
हर बार मतदान के लिए आता हूं। इस बार भी परिवार के सदस्यों की मदद से मतदान के लिए पहुंचा। पिछले लगभग 70 वर्ष से चंडीगढ़ में ही मतदान कर रहा हूं। पंजाब राज्य से बतौर चीफ इंजीनियर सेवानिवृत्त हुआ था। हर आदमी को मतदान के लिए आगे आना चाहिए, तभी असल में हम सरकार से सवाल करने के हकदार बनते हैं।
- बीएस ग्रेवाल, 99 वर्ष
बीएस ग्रेवाल।
85 वर्ष में सुधार के लिए दिया मत
अपनी समस्याओं और मुद्दों को हल करवाने के लिए सही उम्मीदवार का चयन करना जरूरी है। इसके लिए हर किसी को मतदान करने के लिए जरूर घर से बाहर आना चाहिए, यह हमारा कर्तव्य है। हर साल अपने मत का उपयोग किया है। व्यवस्थाएं अच्छी थीं, ज्यादा भीड़ नहीं थी, इसलिए परेशानी नहीं हुई।
- नराता राम मोदगिल, 85 वर्ष
रोजगार के मुद्दे पर दिया मत
पहली बार नगर निगम चुनाव में मतदान किया है। चुनाव में मतदान युवाओं के विकास और रोजगार के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए दिया। उम्मीद है कि उम्मीदवार अपने किए वादों को निभाएंगे और हमारा भरोसा कायम रखेंगे। मतदान के समय कोई समस्या नहीं आई, आराम से मतदान हो गया था।
- तेगइंदर सिंह, धनास