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खौफनाक: पांच साल से 10 कुत्तों के साथ एक कमरे में कैद थी बुजुर्ग महिला, नाखून तीन इंच तक बढ़े, जानें- इसके पीछे की वजह

Thu, 14 Apr 2022 02:21 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बुजुर्ग रंजीत कौर की तीन बेटियां हैं, कोई बेटा नहीं है। एक बेटी सेक्टर-41 के मकान में रहती है, जिसका नाम हरजीत कौर है। हरजीत पर ही उन्हें बंधक बनाकर रखने का आरोप है।
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85 वर्षीय रंजीत कौर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक मकान में 85 वर्षीय रंजीत कौर को पांच साल से बंधक बनाकर रखा गया था। उन्हें जिस कमरे में रखा गया था, उसमें 10 लावारिस कुत्ते भी बंधे थे। महिला के नाखून तीन इंच तक बढ़ चुके हैं। मामला चंडीगढ़ के  सेक्टर-41 का है।

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मंगलवार आधी रात एसडीएम (दक्षिण) प्रद्युम्न सिंह ने पुलिस के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला को मुक्त कराकर अस्पताल में भर्ती कराया। मामला संपत्ति के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। बंधक बनाने का आरोप बेटी पर ही लगा है। पुलिस जांच में जुटी है। एसडीएम (दक्षिण) प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके पास आई और कहा कि मां को उसकी बहन ने सेक्टर-41 के एक घर में पांच साल से बंधक बना रखा है।

एसडीएम पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों की टीम के साथ मकान पर पहुंचे और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। दरवाजा न खुलने पर टीम जैसे-तैसे अंदर घुसी। अंदर के हालात देखकर सब हैरान रह गए। कमरे में 10 से ज्यादा कुत्तों को बांधकर रखा गया था, जिनका मल और पेशाब पूरे कमरे में फैला था। बुजुर्ग रंजीत कौर एक चारपाई पर लेटी थीं। डॉक्टरों की टीम ने महिला की हालत देख तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। टीम के साथ उनकी दूसरी बेटी भी मौजूद थी।
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जिस कमरे से रंजीत कौर को बाहर निकाला गया, वहां कई माह से बिजली और पानी तक नहीं है। ऐसे में इतनी गर्मी में बिना पंखे व हवा के रंजीत कौर को गंदगी भरे कमरे में रखा गया था। पुलिस व एसडीएम कार्यालय को इंतजार है कि महिला की स्थिति सामान्य हो जाए। इसके बाद ही उनके बयान के आधार पर हरजीत कौर व अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

बुजुर्ग की हालात खराब, बात करते-करते रोने लगती हैं
रंजीत कौर जीएमएसएच-16 में भर्ती हैं। उनका हालचाल जानने के लिए बुधवार को एसडीएम प्रद्युम्न सिंह अस्पताल पहुंचे। उनसे पूछा कि वह किसके साथ रहना चाहती हैं। यह सुनते ही रंजीत कौर रोने लगीं। एसडीएम ने कहा कि बुजुर्ग महिला को सामान्य होने में अभी कुछ दिन लगेगा। इसके बाद वह खुद फैसला लेंगी कि वह किसके साथ रहना चाहती हैं। एसडीएम ने कहा कि ऐसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था।

रंजीत कौर की तीन बेटियां हैं
बुजुर्ग रंजीत कौर की तीन बेटियां हैं, कोई बेटा नहीं है। एक बेटी सेक्टर-41 के मकान में रहती है, जिसका नाम हरजीत कौर है। हरजीत पर ही उन्हें बंधक बनाकर रखने का आरोप है। दूसरी बेटी इंदरदीप कौर है जो मोहाली में रहती हैं। उन्होंने ही एसडीएम को शिकायत दी थी। तीसरी बेटी पटियाला में रहती है, जो आयकर विभाग से असिस्टेंट कमिश्नर पद से रिटायर हुई हैं।

अब ये दोनों बेटियां जीएमएसएच-16 में मां की देखभाल कर रही हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ये सारा विवाद संपत्ति को लेकर है, जिसकी वजह से हरजीत कौर ने अपनी बुजुर्ग मां को कैद करके रखा था। बुजुर्ग महिला का पति भी जिंदा हैं और वह पटियाला में अपनी तीसरी बेटी के साथ रहते हैं। आरोप है कि हरजीत कौर पिता और बुजुर्ग मां को मिलने भी नहीं देती थी।

सील की गई कोठी के खोले गए ताले
मंगलवार आधी रात को बुजुर्ग महिला को मुक्त कराने के बाद पुलिस ने एसडीएम के आदेश पर कोठी को सील कर दिया था, जिसे बुधवार दोपहर खोल दिया गया। आरोपी हरजीत कौर ने डीसी के समक्ष पेश होकर गुहार लगाई कि कोठी के भीतर कई कुत्ते भी हैं, जो मंगलवार से भूखे हैं, इसलिए मकान को खोला जाए। इस पर एसडीएम ने कोठी को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए। चाबी हरजीत कौर को सौंपी गई है। डॉक्टरों के अनुसार अभी रंजीत कौर को सामान्य होने में तीन से चार दिन लगेंगे। रंजीत कौर के पैर भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वह लंबे अरसे से वह एक ही दिशा में लेटी हुई थीं।

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