पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में पंजाबी भाषा अधिनियम सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सरकार राज्य भाषा आयोग का गठन करेगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में यह अधिनियम पारित किया था। इसमें प्रावधान किया गया है कि अधिनियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर पंजाब कला भवन में आयोजित कार्यक्रम में परगट सिंह ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पंजाब की तरक्की में पंजाबी पत्रकारिता का बड़ा रोल है। उन्होंने साहित्यकारों, पत्रकारों, अकादमिक विशेषज्ञों और शिक्षा शास्त्रियों को आगे आने का न्योता दिया, जिससे भाषा एक्ट को राज्य और जिला स्तर पर लागू करने के लिए आयोग और समितियों में उनको शामिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि हमारे नीति निर्माताओं ने नीतियां बनाने के समय विशेषज्ञों को बाहर निकाल दिया, जोकि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात थी। उन्होंने कहा कि भाषाएं, शिक्षा विभाग और खेल विभाग में बेहतर परिणामों के लिए वह संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों की समिति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में 23 जिला भाषा अधिकारियों में से 21 पद खाली थे, जो अब डेपुटेशन पर भरे गए हैं। पंजाब कला परिषद के सचिव डॉ. लखविंदर सिंह जौहल ने मौजूदा समय में पंजाब की विरासत को नजरअंदाज करने के संबंध में बात की। उन्होंने मीडिया को दरपेश चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की।