मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पंजाब के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु से जुड़े ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने 2.12 करोड़ रुपये के सोने के सिक्के और आभूषण जब्त किए हैं। इनमें से लगभग 4 किलो सोना सोमवार को लुधियाना के बैंक लॉकरों से जब्त किया गया था। इन लॉकरों को केंद्रीय जांच एजेंसी ने 24 अगस्त को जांच के दौरान फ्रीज किया था। उस समय धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत आशु और लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) के पूर्व अध्यक्ष रमन बालासुब्रह्मण्यम सहित कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। तब ईडी ने 6.5 करोड़ रुपये की नकदी और जमा राशि जब्त की थी। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस ताजा जब्ती के साथ कुल आंकड़ा 8.6 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच राज्य सरकार की परिवहन और श्रम कार्टेज नीति 2021 से संबंधित पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर और फर्जी लोगों को भूखंडों के आवंटन के संबंध में एलआईटी घोटाले से संबंधित शिकायतों के आधार पर की जा रही है। ईडी ने बताया कि आरोप है कि निविदाएं उन ठेकेदारों को आवंटित की गईं, जिन्होंने सीवीसी, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर राकेश कुमार सिंगला के माध्यम से मंत्री (आशु) से संपर्क किया था। ऐसे में आशु पर आरोप है कि उनके पक्षपात माध्यम से आवंटित ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिला, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। पंजाब सरकार में पूर्व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आशु वर्तमान में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।