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Haryana: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व सीएम भूपिंदर हुड्डा से ईडी की पूछताछ, मानेसर भूमि अधिग्रहण का मामला

Wed, 17 Jan 2024 01:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

नई दिल्ली में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से मानेसर में भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है। ईडी ने हुड्डा को बुलाया था। फिलहाल इस बारे में कांग्रेस और हुड्डा के करीबियों से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2004-07 के दौरान हुए गुरुग्राम के 1500 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बुधवार को छह घंटे पूछताछ की। ईडी ने एक हफ्ते पहले उन्हें जांच में शामिल होने का नोटिस दिया था। ईडी ने दिल्ली मुख्यालय में पीएमएलए कानून के तहत 76 वर्षीय हुड्डा के बयान दर्ज किए। हुड्डा दोपहर करीब एक बजे ईडी मुख्यालय पहुंच गए थे और शाम करीब सात बजे बाहर निकले। इस मामले में अभी कांग्रेस या पूर्व सीएम की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

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भूपेंद्र सिंह हु़ड्डा के शासन में हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (वर्तमान में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के मास्टर प्लान में आने वाले गुरुग्राम के तीन गांवों मानेसर, नखड़ौला और नौरंगपुर के 200 से अधिक किसानों की 400 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का नोटिस जारी हुआ था। सरकार की ओर से किसानों को सेक्शन 4, 6, 8 के बाद उसे अवार्ड करने का नोटिस जारी किया गया। 

किसानों को कम दाम में जमीन जाने का भय दिखाकर बिल्डरों ने 100 करोड़ रुपये में उनकी जमीन खरीद ली थी, जबकि जमीन की कीमत 1600 करोड़ रुपये बनती थी। बिल्डरों के किसानों से औने-पौने दाम में जमीन खरीदने के बाद सरकार ने जमीन का अवार्ड घोषित करने के बजाय उसे रिलीज कर दिया। 1500 करोड़ रुपये के इस जमीन घोटाले में राजनेताओं के साथ ब्यूरोक्रेट्स के नाम भी सामने आए थे। उन्होंने बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरा खेल रचा था।

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सीबीआई भी कर रही है जांच

मानेसर थाना पुलिस ने मानेसर के पूर्व सरपंच ओम प्रकाश यादव की शिकायत पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित अन्य पर धोखाधड़ी की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया था। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। आठ साल पहले सितंबर माह में सीबीआई ने मामला दर्ज कर तीनों गांव के 200 से अधिक किसानों के बयान दर्ज किए थे। इसमें उसे बिल्डरों की ओर से किसानों के साथ की गई ठगी के सबूत मिले थे। सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है।

किसानों के हक में आ चुका है फैसला

सीबीआई की जांच के बाद बिल्डरों को किसानों की रायल्टी, प्लॉट व अन्य मुआवजा देने का आदेश मिला था। किसानों को रायल्टी मिलनी शुरू हो गई है। शिकायत करने वाले ओम प्रकाश यादव का कहना है कि जांच के बाद किसानों के हक में फैसला आ चुका है। जिस पर रायल्टी दी जा रही है। एडवोकेट व पूर्व भाजपा पदाधिकारी कुलभूषण भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आईएएस अधिकारी टीसी गुप्ता ने हुड्डा सरकार में जमीन अधिग्रहण के आदेश जारी किए थे। सीबीआई ने इस केस में उन्हें आरोपी भी बनाया है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली हुई है। उनका कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

हुड्डा के समर्थन में आई आप

आम आदमी पार्टी की हरियाणा यूनिट ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थन में बयान जारी किया है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को इंडिया गठबंधन के हाथों अपनी हार स्पष्ट नजर आने लगी है। इसलिए विपक्ष के नेताओं को ईडी, सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा को पता है कि यदि हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। इसीलिए दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को बार-बार नोटिस दिए जा रहे हैं, ताकि लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार न कर सकें। वहीं हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।
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