प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के फंड के गबन मामले में पंचकूला के पूर्व जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) नरेश श्योकंद व अन्य की 24.01 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। एक साल पहले भी ईडी ने श्योकंद और एक अन्य व्यक्ति शमशाद की 2.42 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। अब तक इस मामले में एजेंसी 26.43 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
श्योकंद पर आरोप हैं कि उसने अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की राशि को अयोग्य व्यक्तियों को ट्रांसफर कर दी थी। इससे सरकार के राजस्व को 38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस संबंध में ईडी ने इसी साल जुलाई के महीने में श्योकंद को गिरफ्तार भी किया था।
आरोपी ने गबन की राशि को विभिन्न संपत्तियों की खरीद में निवेश किया। ईडी से पहले इस मामले में हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो और सीबीआई ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, लोक सेवक का कदाचार, भ्रष्टाचार अधिनियम तहत केस दर्ज किया था। एजेंसियों की एफआईआर के आधार पर ईडी ने श्योकंद और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।
नरेश कुमार श्योकंद साल 2012 से 2014 तक पंचकूला में डीआरओ के पद पर तैनात रहे थे। श्योकंद ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पंचकूला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के रूप में अयोग्य लाभार्थियों को लगभग 38 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की थी। साल 2015 में हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो ने मामला दर्ज किया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने तत्काल श्योकंद को निलंबित कर दिया था। साल 2022 में ईडी ने श्योकंद की हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थित लगभग 2.27 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।