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हरियाणा: रोडवेज में ई-टिकटिंग योजना मंजूर, कैश के साथ कैशलेस यात्रा भी कर सकेंगे

Tue, 07 Sep 2021 02:46 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वहीं हरियाणा में नई स्क्रैप पॉलिसी लागू करने के लिए परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा खाका तैयार कर रहे हैं। एनसीआर में जल्द नई स्क्रैप पॉलिसी लागू होगी और पुराने वाहनों पर गाज गिरेगी।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : ANI
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विस्तार
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हरियाणा रोडवेज में ओपन लूप ई-टिकटिंग प्रणाली शुरू करने को सरकार ने मंजूरी दे दी है। छह महीने में सभी डिपो में योजना लागू होगी। पायलट प्रोजेक्ट करनाल, फरीदाबाद, भिवानी, रोहतक और हिसार डिपो से शुरू होगा। 4500 ई-टिकटिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में योजना को मंजूरी दे दी गई।

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योजना के लागू होने पर हर बस में मौजूद सवारियों की संख्या परिवहन विभाग के अधिकारियों के पास ऑनलाइन मौजूद रहेगी। योजना के तहत नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड बनाए जाएंगे। जिससे आने वाले समय में बस, मेट्रो, मल्टीप्लेक्स टिकट के साथ ही पार्किंग फीस भरी जा सकेगी।

परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बताया कि इससे सिस्टम और पारदर्शी होगा। ई-टिकटिंग शुरू होने से रोडवेज बसों में फ्री पास और रियायती कोटे के तहत यात्रा करने वाली सवारियों को एक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) जारी किया जाएगा। इस कार्ड को जैसे ही परिचालक अपने ई-टिकटिंग कियोस्क पर स्कैन करेगा, यात्री की यात्रा से संबंधित डाटा कंट्रोल रूम में आ जाएगा। इससे विभाग को यह जानकारी रहेगी कि फ्री पास और रियायती कोटे के तहत कितने यात्रियों ने यात्रा की है। रूटीन में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी एनसीएमसी कार्ड जारी करेंगे। यात्री कार्ड को रिचार्ज करा सकते हैं। यात्रा के दौरान कार्ड स्कैन करने से किराया कट जाएगा। इससे वे कैशलेस सुविधा से ई-टिकटिंग का लाभ ले सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त जिन यात्रियों के पास कार्ड नहीं है वह कैश देकर भी ई-टिकटिंग मशीन से टिकट ले सकेंगे।
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यात्रियों की संख्या के हिसाब से की जा सकेगी रूट शेड्यूलिंग
परिवहन मंत्री ने बताया कि ई-टिकटिंग की सुविधा से यात्रियों की संख्या का डाटा विभाग के पास रहेगा। इससे जिस रूट पर ज्यादा सवारियां यात्रा कर रही हैं, उस रूट पर ज्यादा बसों की शेड्यूलिंग की जा सकती है। योजना के शुरू होने से विभाग में रिवेन्यू लीकेज भी कम होगी। कई बार टिकटों के रि-इश्यू करने व नकली टिकटों के मामले सामने आते हैं। ई-टिकटिंग मशीन से जारी टिकट को न तो रि-इश्यू किया जा सकता है और न ही उसका नकली टिकट काटा जा सकता है।

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