हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि निकाय चुनाव में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन की स्पष्ट जीत हुई है और जनता ने कांग्रेस को आईना दिखाया है। दोनों संगठन ने मिलकर अच्छा चुनाव लड़ा और अच्छे परिणाम आए। शहरी क्षेत्र में पहले के मुकाबले जेजेपी का वोट शेयर काफी बढ़ा है और चुनाव निशान पर लड़ी 8 सीटों पर जेजेपी ने 24.62 प्रतिशत वोट लिए हैं।
बीजेपी-जेजेपी गठबंधन से जुड़े एक सवाल के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गठबंधन का निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया था और उस पर दोनों पार्टियां बरकरार हैं। बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व और हम मिलकर चलते आएं हैं और चलते रहेंगे। अगर राज्य स्तर की लीडरशिप में तालमेल में कोई कमी रही है तो उसे बेहतर करेंगे।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी को नगर निकाय चुनाव परिणाम ने एक और बड़ा झटका दिया है तथा इससे गठबंधन की ताकत बढ़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ की चार सीटें महम, झज्जर, बहादुरगढ़, गोहाना में गठबंधन चुनाव जीता।
इसी तरह मेवात जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं और यहां तीनों सीटों पर गठबंधन विजयी हुआ। पलवल और होडल क्षेत्र में भी गठबंधन जीता। वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के कैथल और नरवाना में उम्मीदवार थे, यहां पर भी कांग्रेसियों को हार मिली। उपमुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि जो निर्दलीय उम्मीदवार नगर निकायों में चुनाव जीते हैं वे क्षेत्र की प्रगति के लिए सरकार के साथ चलते हुए आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रपति चुनाव एनडीए के लिए अगली चुनौती है और हम बड़ी मजबूती के साथ जीतेंगे। इस वर्ष एनडीए की एक बड़ी रैली हरियाणा में होगी और इसके लिए उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि बीजेपी-जेजेपी मिलकर रैली करें क्योंकि पिछले पौने तीन साल में कोविड, किसान आंदोलन के कारण गठबंधन द्वारा प्रदेश में कोई बड़ा कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाया है।