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प्रशासन से अनुमति न मिलने से रामलीला कमेटियों के पदाधिकारयों की धड़कनें बढ़ीं

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चंडीगढ़। शहर में रामलीला का मंचन होने के लिए दो-चार दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की अनुमति न मिलने से कई रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। शारदीय नवरात्र के दौरान शहर के 36 जगहों पर रामलीला और दशहरा का आयोजन की तैयारी है। हालांकि नगर निगम की ओर से 36 रामलीला कमेटियों को ग्राउंड और अग्निशमन विभाग की ओर से फायर की एनओसी दे दी गई है। अब प्रशासन के डीसी कार्यालय से विधि व्यवस्था की अनुमति मिलनी है। रामलीला कमेटियों का कहना है कि सोमवार तक यदि अनुमति नहीं मिली हो मंगलवार को पदाधिकारी और शहर के लोग डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
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कई रामलीला कमेटियां 5 अक्तूबर से ही रामलीला का मंचन की तैयारियां कर रही हैं, यदि अनुमति न मिली तो उनके लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी। चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपिंदर शर्मा ने कहा कि यह दुख की बात है कि हर वर्ष प्रशासन रामलीला कमेटियों को अनुमति देने में परेशान खड़ी करता है। सेक्टर- 28 के उत्तराखंड युवा समिति के प्रधान सरूप नेगी ने बताया कि इस बार बहुत भाग दौड़ हो गई। उन्होंने बताया कि उनकी रामलीला 5 अक्तूबर से होना है। अनुमति नहीं मिली तो बहुत मुश्किल हो जाएगी, क्योंकि फिर बिजली का मीटर लगाना मुश्किल होगा। उधर, श्रीरामलीला कमेटी परेड ग्राउंड सेक्टर- 17 के डायरेक्टर राजेंद्र बग्गा ने बताया कि उनकी रामलीला कमेटी की विधि व्यवस्था की भी प्रशासन से अनुमति मिल गई है। सात अक्तूबर से रामलीला का मंचन होगा। उधर, सेक्टर- 46 के श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी के मुख्य संरक्षक जतिंदर भाटिया का कहना है कि समय से पहले अनुमति मिलनी चाहिए।
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