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बॉर्डर पर सख्ती हुई तो सतलुज दरिया बना तस्करी का जरिया, जानिए कैसे?

Tue, 19 Dec 2017 12:54 AM IST
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
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सतलुज दरिया
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पुलिस और बीएसएफ ने बॉर्डर पर सख्ती की तो तस्करों ने सतलुज दरिया को जरिया बना लिया और नशे व हथियारों की तस्करी करने लगे हैं। एसटीएफ, काउंटर इंटेलीजेंस व पुलिस जितने भी हेरोइन व असलहा तस्कर पकड़ चुकी है, उन सभी ने एक ही बात कही है कि सरहद पर बहने वाले सतलुज दरिया के रास्ते तस्करी करते आ रहे हैं,
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ऐसे रास्ते दरिया के पानी से बने हैं, जो सरकंडों के जंगलों में से होकर निकलते हैं, जहां पर बीएसएफ भी पूरी तरह निगरानी करने में चूक जाती है। पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा लगभग 580 किलोमीटर लंबी है और इसके अधिकांश इलाकों के साथ सतलुज दरिया बह रहा है, जो कई बार पाक में प्रवेश होकर भारत में घुसता है। यही कारण है कि पाकिस्तान की नाव भी भारतीय सीमा में आ जाती हैं,

जैसे तेरह दिसंबर को भारत-पाक सीमा पर डेरा बाबा नानक क्षेत्र में रावी दरिया से तीन पाकिस्तानी किश्तियां मिली थी। पंजाब से सटी भारत-पाक की सीमा तकरीबन 580 किलोमीटर लंबी है। सीमा पर कंटीले तार लगे है। कंटीले तार के पार लगभग 12 हजार एकड़ जमीन पर कई किसान खेती की आड़ में पाक तस्करों के साथ मिलकर हेरोइन व असलहा तस्करी करते हैं।
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तार के पार खेती करने को बने किसानों के पहचान पत्र

स्मगलिंग जोन बना बॉर्डर
जानकारों का कहना है कि कंटीले तार पार खेती करने के लिए फिरोजपुर सेक्टर में लगभग 1369 किसानों के पहचान पत्र बने हैं। फिरोजपुर सेक्टर में फेंसिंग पार तकरीबन 4514 एकड़ जमीन है, इसमें से 1300 एकड़ जमीन केंद्रे सरकार, सोलह सौ एकड़ प्रदेश सरकार व बाकी कच्ची जमीन है, जिस पर बीएसएफ भी खेती करती है।

यहां अधिकतर किसान सतलुज दरिया के पानी से खेती की सिंचाई करते हैं। सतलुज दरिया पाक की तरफ भी बहता है, जो तस्करों के लिए काफी मददगार है। इसीलिए फेंसिंग पार खेती के बहाने जाने वाले कई किसान पाक तस्करों से मिलकर हेरोइन की तस्करी करते हैं और दरिया के रास्ते से ही भारतीय सीमा तक हेरोइन पहुंचाते हैं।

फेंसिंग के पास सतलुज दरिया के बने रास्ते से भी कई तरीकों से हेरोइन तस्करी करते हैं, कमल के पौधों के साथ जिस तरफ पानी बहता है उस तरफ धागा बांध देते हैं और दूसरी तरह बैठा तस्कर जब धागा पकड़ लेता है, तो उसके साथ एक लड़ी में बांधे हेरोइन के पैकेट बांध देते हैं जो धीरे-धीरे भारतीय सीमा की तरफ खींच लेता है।
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पकड़े गए तस्कर ने किए कई खुलासे

स्मगलिंग जोन बना बॉर्डर
उधर, काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्र पाल सिंह सिद्धू एक खुलासा कर चुके हैं। उनके मुताबिक, पकड़े गए तस्कर गुरविंदर सिंह स्वीकार कर चुका है कि सतलुज दरिया के रास्ते कई प्वाइंट हैं, जहां से वह पाक से हेरोइन मंगवाता था और कई बार हेरोइन मंगवाकर बेच चुका है और बीएसएफ को पता तक नहीं चला है।

काउंटर इंटेलीजेंस ने गुरविंदर को हेरोइन और ड्रग मनी तेरह लाख 70 हजार के साथ गिरफ्तार किया था। उधर, बीएसएफ के सीनियर प्रवक्ता व डीआईजी आरएस कटारिया का कहना तस्कर गुरविंदर सिंह ने दरिया के रास्ते तस्करी की बात कही है, इसकी जांच बीएसएफ कर रही है, जल्द ही ऐसे रास्तों का पता चलाएंगे।

डीआईजी ने कहा कि तस्कर नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, कई बार बीएसएफ हेरोइन के साथ किसानों को पकड़ चुकी है। दरिया में मोटर बोट के जरिये बीएसएफ गश्त करती है।
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