नशीले इंजेक्शनों की तस्करी का गोरखधंधा चंडीगढ़ में इस हद तक पैर पसार चुका है कि महिलाएं भी इस धंधे में शामिल होने लगी हैं। नशा तस्कर कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में युवाओं और महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर इसकी लत लगवाते हैं और फिर उनसे नशीले इंजेक्शन का गोरखधंधा करवाते हैं। आए दिन थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल ऐसे कई नशा तस्करों को गिरफ्तार कर चुके हैं जो इस धंधे में शामिल हैं। यह नशा तस्कर कम दामों में शहर के दूसरे हिस्से से इंजेक्शन खरीदकर चंडीगढ़ और अन्य जगहों पर सप्लाई करते हैं। अगर बात करें साल 2018 जनवरी से लेकर अब तक तो थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कुल 51 नशा तस्करों को नशीले इंजेक्शन के साथ दबोचा है।
ये नशा तस्कर शहर के अलग-अलग हिस्सों में नशा सप्लाई करते हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 2788 नशीले इंजेक्शन भी बरामद किए हैं। नशीला इंजेक्शन (बूप्रेनोरफिन) आम तौर पर उन लोगों को दिया जाता है जिन्हें तेज दर्द, या फिर काफी पुराना दर्द हो। लेकिन नशा सप्लायर इस इंजेक्शन को नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यह इंजेक्शन ज्यादातर मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध होते हैं, लेकिन डॉक्टर के पर्ची बगैर नहीं मिल पाते। इंजेक्शन को ओवरडोज लेने से इसके कई साइड इफेक्ट भी होते हैं। नशे की दलदल में फंसे युवा इंजेक्शन को खरीदने के लिए सप्लायर को ज्यादा से ज्यादा रुपये देते हैं, ताकि उन्हें यह इंजेक्शन आसानी से मिल सके। पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद नशा तस्करी का कारोबार कम होने का नाम नहीं ले रहा।
250 रुपये तक मिल जाती है इंजेक्शन
पुलिस के मुताबिक यह इंजेक्शन ज्यादातर अंबाला, सहारनपुर, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसी जगहों से नशा तस्कर कम दामों में खरीदकर ले आते हैं। तस्कर हमेशा थोड़ी-थोड़ी क्वांटिटी में ही खरीदते हैं, जिसके बाद वे बसों में सफर कर या फिर अपने वाहन में छिपाकर इसे आगे सप्लाई करने ले जाते हैं। एक इंजेक्शन करीब 250 रुपये में आगे कस्टमर को बेचते हैं।
स्लम एरिया में नशा तस्कर एक्टिव
नशा का गोरखधंधे करने वाले तस्कर स्लम एरिया में ज्यादा से ज्यादा एक्टिव रहते हैं। कॉलोनी के युवा आसानी से तस्करों के जंजाल में फंस जाते हैं और उन्हें पैसों को लालच देकर नशा तस्करी करवाते हैं। थाना पुलिस, ऑपरेशन सेल और क्राइम बांच टीम ने ऐसे कई तस्करों को दबोचा है जो कॉलोनियों के होते हैं।
महिलाएं भी हो चुकी है गिरफ्तार
नशे के गोरखधंधे में पहले युवा ही फंसते थे लेकिन कम समय में ज्यादा रुपये कमाने के चक्कर में इस धंधे में महिलाएं भी अपना पैर पसारती जा रही हैं। पिछले समय क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने कई महिलाओं को पकड़ा है। ज्यादातर महिलाओं की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है। इसके अलावा कई कम उम्र के नौजवान भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।
हो चुका है मेडिकल स्टोर सीज
पुलिस के अनुसार बीते वर्षों धनास के एक मेडिकल स्टोर को सीज किया जा चुका है। वहां बिना पर्ची के ही ये इंजेक्शन आसानी से मिल जाते थे। पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी की थी। इसके बाद सामने आया कि वहां पर आसानी से इंजेक्शन बेचे जाते थे।
एक ही सीरिंज से करते हैं नशा
नशा करने वाले लोग अपनी जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। अकसर एक ही सीरिंज से कई लोग नशा लेते हैं, जो एचआईवी का मुख्य कारण बन रहा है। पिछले साल क्राइम ब्रांच ने ऐसे आरोपी भी पकड़े थे, जिन्हें एचआईवी था। पुलिस के मुताबिक कई नशेड़ी इंजेक्शन को खरीद लेते हैं, लेकिन सीरिंज को कई बार और अलग-अलग लोगों पर इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस आए दिन नशा तस्करों को गिरफ्तार करती है। हाल ही में पुलिस ने ऐसे कई केस सुलझाए हैं जो दूसरे राज्यों से नशा लाकर चंडीगढ़ में सप्लाई करते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार करें ताकि नशे की सप्लाई को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
- पवन कुमार, क्राइम ब्रांच डीएसपी, चंडीगढ़