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ड्रग्स तस्करी :एसआईटी के सामने नहीं पहुंचे मजीठिया

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वकील ने रखा पक्ष, मजीठिया और जगदीश भोला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी तैयारी
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आप नेताओं ने कहा- सच सामने आने के डर से जांच से बच रहे मजीठिया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़ / पटियाला। करीब छह हजार करोड़ रुपये के चर्चित ड्रग्स तस्करी मामले में अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया सोमवार को एसआईटी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए। उनके स्थान पर वकील एवं अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अरशदीप सिंह कलेर पटियाला पुलिस लाइन स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंचे और उनका पक्ष रखा। एसआईटी ने मजीठिया और मामले में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व डीएसपी जगदीश सिंह भोला को पांच अक्तूबर को पूछताछ के लिए बुलाया था। दोनों को एक ही दिन बुलाए जाने से उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ किए जाने की संभावना थी।
कलेर ने एसआईटी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जांच अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए समन जारी करना अदालत के निर्देशों की अनदेखी है। कलेर के मुताबिक, उन्होंने एसआईटी के सामने मामले से संबंधित मजीठिया का कानूनी पक्ष रख दिया है। उनकी आपत्तियां ई-मेल के माध्यम से भी भेजी जाएंगी।
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मार्च में दो दिन एसआईटी के सामने पेश हुए थे मजीठिया
सुप्रीम कोर्ट ने चार मार्च 2025 को मजीठिया को 17 मार्च को एसआईटी मुख्यालय, पटियाला में पेश होने और जरूरत पड़ने पर अगले दिन भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मजीठिया दो दिन एसआईटी के सामने पेश हुए थे।
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क्या है भोला ड्रग्स मामला
नवंबर 2013 में पूर्व पहलवान और तत्कालीन डीएसपी जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद ड्रग्स तस्करी का यह मामला सामने आया था। बाद में ईडी ने कथित ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को करीब छह हजार करोड़ रुपये का बताया था। इसी मामले में 2014 में भोला ने पूछताछ के दौरान पूर्व मंत्री मजीठिया का नाम लिया था, जिसे मजीठिया लगातार खारिज करते रहे हैं। दिसंबर 2021 में मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 25, 27-ए और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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