डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सोमवार को ओपीडी शून्य रही है। बता दें कि रोज अस्पताल में 400 के करीब ओपीडी होती हैं। सोमवार को स्टाफ ने पर्चियां काटनी बंद कर दीं और काउंटर पर ताला जड़ दिया।
मरीज बोले- हमारी क्या गलती
गांधी नगर निवासी 78 वर्षीय उमा रानी का कहना है कि डॉक्टर धरने पर बैठ गए हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह ऑर्थो सर्जन से जांच करवाने आई थीं लेकिन उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ा।
जालंधर में भी प्रदर्शन
जालंधर ईएसआई अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। डॉ. वीरेंद्र रियाड़ और डॉ. मुकेश वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों की एनपीए में कटौती की वापस करने की जायज मांग है। कोरोना काल में सरकार को वेतन बढ़ाना चाहिए था लेकिन एनपीए में ही पांच फीसदी कटौती कर दी गई है।