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हड़तालः चंडीगढ़ में 6 हजार मरीज बिना इलाज के लौटे, सोमवार को हरियाणा में भी बढ़ेगी मुसीबत

Sat, 15 Jun 2019 01:20 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पीजीआई में डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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पीजीआई चंडीगढ़ के रेजिडेंट डॉक्टरों की चार घंटे की हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब छह हजार मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा, जबकि 65 मरीजों की सर्जरी टाल दी गई।

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हड़ताल की वजह से ओपीडी का रजिस्ट्रेशन काउंटर सिर्फ एक घंटे के लिए खुला था। इस दौरान 4804 मरीजों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका, जबकि आम दिनों में दस हजार से साढ़े दस हजार मरीज रजिस्टर्ड होते हैं। 

चार घंटे की हड़ताल के बाद डॉक्टर काम पर लौट आए थे। इससे पहले डॉक्टरों ने भार्गव ऑडिटोरियम से पीजीआई की न्यू ओपीडी तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई डॉक्टरों ने सांकेतिक रूप में अपने माथे पर चोट की पट्टी बांध रखी थी। हाथ में बैनर उठा रखे थे। पीजीआई के डॉक्टरों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में जो जूनियर डॉक्टरों के साथ हुआ है, वह निंदनीय है। 
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पीजीआई में भी आए दिन जूनियर डॉक्टरों को मरीज के अटेंडेंट के साथ जूझना पड़ता है। पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टर सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक हड़ताल पर रहे। इस दौरान इमरजेंसी की सेवाएं चालू रहीं।

दो दिन से चक्कर लगा रहा हूं नहीं मिला इलाज
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से अंबाला से आए राजिंदर कुमार को जूझना पड़ा। उनका कहना है कि वे पिछले दो दिन से अंबाला से पीजीआई के न्यूरोलाजी डिपार्टमेंट में दिखाने आ रहे हैं। गुरुवार को पहुंचे तो बताया गया कि न्यूरोलाजी की ओपीडी नहीं होती है। शुक्रवार को आना होगा। यहां आए तो पता चला कि हड़ताल है। रजिस्ट्रेशन काउंटर सिर्फ एक घंटे के लिए खुला था। यदि डॉक्टरों को हड़ताल करना था तो पहले बता देना चाहिए था। 

सहारनपुर से आए मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए लौटा

डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर के तैय्यब जुबेरी ने बताया कि वे अपनी सास को इलाज के लिए पीजीआई लाए थे। उनका 12 जून से पीजीआई में इलाज चल रहा है। उनके गालब्लेडर में स्टोन हो गया था, इससे वे ज्वाइंडिस से पीड़ित हो गईं। वे गुरुवार को ही सहारनपुर से पीजीआई आ गए थे।

शुक्रवार को जब वे पीजीआई पहुंचे तो वे डॉक्टर से नहीं मिल पाए। शुक्रवार को कार्डियोलॉजी के डॉक्टर से मिलना था लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। ऐसे में उन्हें बिना इलाज के ही सहारनपुर लौटना पड़ा है। अब वे तीन से चार दिन बाद दोबारा से आएंगे। 

बेहतर माहौल नहीं मिला तो कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं
रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रेसिडेंट उत्तम ठाकुर ने बताया कि यदि डॉक्टरों को इमरजेंसी में काम के दौरान बेहतर माहौल नहीं मिला तो वे कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे। एसोसिएशन से जुड़े एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि जूनियर डॉक्टर कई वर्षों से अत्याचार झेल रहे हैं। इसे रोकने की जरूरत है। यह कोई राजनीतिक या सांप्रदायिक मामला नहीं है। इसका स्थायी समाधान निकलना चाहिए।
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सोमवार को 24 घंटे हड़ताल पर रहेंगे डॉक्टर

डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में शुक्रवार को प्रदेश भर में डॉक्टरों ने दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की और घटना पर रोष प्रकट किया। सोमवार से डॉक्टर 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल को आगे बढ़ाने का निर्णय 24 घंटे बाद ही लिया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के सचिव डॉ. सुनील मुंजाल ने बताया कि शनिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर ओपीडी लेंगे। 

रविवार को अवकाश के कारण ओपीडी नहीं होती है। सोमवार को 24 घंटे की हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया है। उनकी मांग है कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों से मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार मजबूत सेंट्रल एक्ट बनाए। जिसमें डॉक्टरों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को कम से कम पांच साल की सजा और अधिक से अधिक जुर्माने का प्रावधान हो। 
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