सहारनपुर के तैय्यब जुबेरी ने बताया कि वे अपनी सास को इलाज के लिए पीजीआई लाए थे। उनका 12 जून से पीजीआई में इलाज चल रहा है। उनके गालब्लेडर में स्टोन हो गया था, इससे वे ज्वाइंडिस से पीड़ित हो गईं। वे गुरुवार को ही सहारनपुर से पीजीआई आ गए थे।
शुक्रवार को जब वे पीजीआई पहुंचे तो वे डॉक्टर से नहीं मिल पाए। शुक्रवार को कार्डियोलॉजी के डॉक्टर से मिलना था लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। ऐसे में उन्हें बिना इलाज के ही सहारनपुर लौटना पड़ा है। अब वे तीन से चार दिन बाद दोबारा से आएंगे।
बेहतर माहौल नहीं मिला तो कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं
रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रेसिडेंट उत्तम ठाकुर ने बताया कि यदि डॉक्टरों को इमरजेंसी में काम के दौरान बेहतर माहौल नहीं मिला तो वे कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे। एसोसिएशन से जुड़े एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि जूनियर डॉक्टर कई वर्षों से अत्याचार झेल रहे हैं। इसे रोकने की जरूरत है। यह कोई राजनीतिक या सांप्रदायिक मामला नहीं है। इसका स्थायी समाधान निकलना चाहिए।
हरियाणा में शुक्रवार को प्रदेश भर में डॉक्टरों ने दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की और घटना पर रोष प्रकट किया। सोमवार से डॉक्टर 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल को आगे बढ़ाने का निर्णय 24 घंटे बाद ही लिया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के सचिव डॉ. सुनील मुंजाल ने बताया कि शनिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर ओपीडी लेंगे।
रविवार को अवकाश के कारण ओपीडी नहीं होती है। सोमवार को 24 घंटे की हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया है। उनकी मांग है कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों से मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार मजबूत सेंट्रल एक्ट बनाए। जिसमें डॉक्टरों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को कम से कम पांच साल की सजा और अधिक से अधिक जुर्माने का प्रावधान हो।