नौ साल के सुखदर्शन का पैर टूट गया था। उसकी दादी उसे डॉक्टर के पास लेकर आई थी। पैर पर प्लास्टर चढ़ाया जाना था लेकिन बच्चा डर रहा था। इसके बाद डॉक्टरों ने मूसेवाला का गीत चलाया। जिसमें खोए बच्चे को न दर्द का एहसास हुआ न वो डरा।
लुधियाना में कस्बा जगराओं में सड़क हादसे में जख्मी हुए एक बच्चे का इलाज करते समय उसका ध्यान बांटने के लिए डॉक्टर ने ऑपरेशन थिएटर में सिद्धू मूसेवाला का गीत चला दिया। गीत सुनते ही बेड पर पड़ा बच्चा हाथ उपर उठाकर झूमने लगा, जिसके बाद डॉक्टर के लिए इलाज करना आसान हो गया।
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ऑपरेशन थिएटर में जैसे ही मूसेवाला का गीत 'जट्ट की माशूक बीबा रशिया तो' बजा, बच्चे ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और गाने की धुन के साथ झूमने लगा।
इस दौरान डॉक्टर ने बच्चे के पैर पर प्लास्टर लगाया लेकिन बच्चे को दर्द का अहसास तक नहीं हुआ। स्टाफ ने गाने की धुन पर झूमते बच्चे की वीडियो भी बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो देखने के बाद लोगों ने बच्चे के जल्द ठीक होने की कामना की और डॉक्टर के इलाज करने के तरीके को भी खूब सराहा।
दरअसल जगराओं निवासी बच्चे सुखदर्शन (7) का पैर कार के नीचे आने की वजह से टूट गया था। सुखदर्शन की मां की मौत हो चुकी है और उसका पिता गुरप्रेम सिंह दिव्यांग है। बच्चे की दादी उसे लेकर सिविल अस्पताल जगराओं पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे को फरीदकोट रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे की दादी ने हेल्पिंग हैंड सोसायटी से संपर्क किया। सोसायटी ने बच्चे का केस सुखवीन अस्पताल जगराओं के हड्डी रोग विशेषक्ष डॉ. दिव्यांशु गुप्ता को सौंप दिया।
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बच्चा ऑपरेशन करवाने से पहले डर रहा था। उसका ध्यान बांटने के लिए मूसेवाला का गीत चलाया गया तो बच्चे के साथ स्टाफ भी झूमने लगा। डॉक्टर ने चलते गीत के दौरान अपने कार्य को सफलता पूर्वक पूरा किया और बच्चे के पैर में प्लास्टर चढ़ाया, लेकिन गीत की धुन में मग्न बच्चे ने न तो पैर को हिलाया और न डर के मारे रोया। डाक्टर के मुताबिक बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और वह कुछ ही दिनों में फिर से अपने पैरों पर चलने लगेगा।