चंडीगढ़। टैगोर थिएटर में एक साल ऐतिहासिक कार्य कीजिए। नया इतिहास बनाइए। देखेंगे कि अच्छा काम किया तो उपहार में ओपन थिएटर देंगे। यह बात पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने टैगोर थिएटर सोसाइटी के 50 वर्ष पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वे सांसद किरण खेर की बातों से सहमत हैं। अपने भाषण में किरण खेर ने ओपन थिएटर की मांग की थी। इस दौरान उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसमें अलग अलग प्रांतों से आए लोक कलाकारों ने नृत्यों के जरिए दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन बनवारीलाल पुरोहित ने किया।
उन्होंने सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि टैगोर थिएटर कल्चर हब है। इसका इतिहास धनी है। युवा कलाकारों को मंच प्रदान करता है। रविंद्र नाथ टैगोर की लिखी किताब गीतांजलि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस जमाने में नोबेल पुरस्कार मिलना देश के लिए गौरव की बात है। टैगोर तो गांधी जी से उम्र में बड़े थे। गांधी जी उनका बहुत आदर करते थे। पुरोहित ने कहा कि कुछ लोगों की गलत धारणा है कि जन गण मन के बजाय वंदे मातरम क्यों नहीं गाया जाता। कुछ लोगों का यह भी कहना कि टैगोर ने जन गण मन जार्ज पंचम के सम्मान में लिखा था, यह सही नहीं है। यह गीत बहुत साल पहले लिखा गया। जन गण मन राष्ट्रभक्ति की गीत है। यह गीत 130 करोड़ भारतीयों के अंदर ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि टैगोर जी ने शांति निकेतन बनाया। उन्होंने भारत की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया। उन्होंने डॉ. बीएन गोस्वामी का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे आंखों से बोलते हैं। उन्होंने कहा कि भरतनाट्यम, गरबा, भंगड़ा, घूमर, लावणी पर कहा कि प्रांतों के अपने अपने नृत्य हैं। वर्तमान में डिस्को ट्विस्ट का कल्चर है, इसको खत्म करना है। यह उपदेश से खत्म नहीं होगा, इसके लिए लकीर को बड़ी कीजिए छोटा अपनेआप खत्म हो जाएगा।
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किरण खेर बोलीं- धर्मपाल जी ओपन थिएटर आज वक्त की जरूरत है
इस अवसर पर सांसद किरण खेर ने कहा कि टैगोर थिएटर मेरे लिए घर जैसा है। कॉलेज के दिन हो या यूनिवर्सिटी के। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर के दिग्गजों को याद किया। किरण खेर ने कहा कि हमारे पास केंद्र से फंड आता है। खर्च नहीं होता है तो उसे वापस करना पड़ता है। चंडीगढ़ में ओपन थिएटर बने, जहां पर एआर रहमान जैसे बड़े कलाकारों का कार्यक्रम हो। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि धर्मपाल जी आपसे कह रही हूं। ओपन थिएटर आज वक्त की जरूरत है। ओपन थिएटर के बनने से बहुत लोगों को अवसर मिलेगा।
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पांच मिनट मिला है, एक मिनट क्षमा मांगने में लगेगा : बीएन गोस्वामी
टैगोर थिएटर सोसाइटी के फाउंडर सदस्य डॉ. बीएन गोस्वामी के पहुंचने से पहले ही पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित टैगोर थिएटर में पहुंच गए थे, लेकिन सबसे पहले बोलने का मौका डॉ. गोस्वामी को मिला। उन्होंने कहा कि मुझे पांच मिनट का समय मिला है, लेकिन एक मिनट क्षमा मांगने में लगेगा कि देर से पहुंचा हूं। मेरी गाड़ी को पुलिस ने नहीं आने दिया कहा कि आप नहीं जा सकते तो गाड़ी दूर खड़ी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि हमें एहसास होना चाहिए कि आज जहां हम खड़े हैं इस जगह पर महान कलाकार पृथ्वीराज कपूर आ चुके हैं। प्रधानमंत्री आ चुके हैं, बड़े बड़े कलाकार यहां काम कर चुके हैं। यह सब याद करवाने के लिए कह रहा हूं। यह स्ट्रक्चर का सवाल नहीं है। इस जगह का महत्व है। हमें सचेत रहना चाहिए। हम सभी 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। दुनियाभर में बड़े बड़े थिएटर हैं। उन थिएटर में बड़े बड़े काम होते हैं। उन्होंने कहा कि नॉर्थ इंडिया में किसी को नाम मालूम है तो वह टैगोर थिएटर है।
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रंगारंग कार्यक्रम से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
टैगोर थिएटर सोसाइटी के 50 वर्ष पूरा होने पर सात दिनों तक कार्यक्रम होगा। पहले दिन सोमवार को टैगोर में भव्य आयोजन हुआ। इस दौरान अलग अलग प्रांतों के लोकनृत्यों ने टैगोर थिएटर में बैठे दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कश्मीरी लोकनृत्य से हुई। लोक नाच के बाद पद्मश्री निरंजन गोस्वामी इंडियन थिएटर कोलकाता की ओर से मां लक्ष्मी पुतुल नाच प्रदर्शित किया गया। लोगों ने इसकी भरपूर सराहना की। इनके अलावा पंजाबी, मणिपुरी, उत्तराखंडी आदि राज्यों के कलाकारों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान टैगोर थिएटर के इतिहास पर शॉर्ट फिल्म सफरनामा दिखाया गया।
सुबह साइकिल रैली निकालकर सेहत के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह टैगोर थियेटर से बोगनबिलिया गार्डन तक साइकिल रैली निकालकर की गई। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के नेतृत्व में कई वरिष्ठ अधिकारी व कला हस्तियां इसमें शामिल हुईं। सेहत के साथ ही संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सबसे पहले यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। विशेष समारोह के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।