चंडीगढ़। हम शपथ लेते हैं कि तंबाकू का सेवन न खुद करेंगे न अपने जानने वालों को करने देंगे। हम चंडीगढ़ को तंबाकू के नशे से मुक्त कराने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला की ओर से सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में आयोजित संवाद में युवाओं ने एक स्वर में यह शपथ ली। स्ट्रेटजिक इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च और एनएसएस के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभाव से भी अवगत कराया। इस अवसर पर अतिथियों ने युवाओं के साथ मिलकर चंडीगढ़ और पंजाब का फैक्ट शीट भी जारी किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने तंबाकू से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से मिले जवाब से संतुष्ट भी हुए। संवाद में डीएवी कॉलेज से शिक्षक श्रुति मारिया, रितु, उदयभान, राजिंदर, नितिश, बिमल अंजुम और मोनिका चोपड़ा ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्ट्रेटजिक इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने की। उन्होंने बताया कि तंबाकू ही सभी नशे की जड़ है। जो युवा एक बार तंबाकू का शिकार हो जाता है वह धीरे धीरे अन्य नशे भी करने लगता है। तंबाकू के कारण प्रतिदिन चार हजार और प्रतिवर्ष 14 लाख मौतें हो रही हैं। यह नशा और बीमारी दोनों है इसलिए साइफर ने जागरूकता अभियान के तहत शहर के डॉक्टरों को भी शपथ दिलाई है। वहीं, संस्था के वित्त और कार्ययोजना निदेशक अरुण वर्मा ने पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तंबाकू से जुड़े तथ्यों को साझा किया। कार्यक्रम में मौजूद स्नेहा संस्था के अध्यक्ष डॉ. एसपी सुरीला ने तंबाकू से पर्यावरण को होने वाले दुष्प्रभाव से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष तंबाकू और तंबाकू उत्पादों से उत्पन्न होने वाला 26.57 टन प्लास्टिक कचरा पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। कार्यक्रम में मौजूद आईएमए सचिव डॉ. विवेक मल्होत्रा ने युवाओं को तंबाकू छोड़ने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि नशे की लत से बचने के लिए अपने शौक को पूरा करने के लिए समय निकालें, संगीत सुनें, व्यायाम और योग करें। साथ ही अकेले रहने की बजाय परिवार के साथ समय बिताएं और अपनी बातें साझा करें। छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों की बातों को गौर से सुना। कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ संस्था के अध्यक्ष अजैब सिंह भी मौजूद रहे।
छात्रों को तंबाकू के लिए काउंसलिंग की जरूरत
कॉलेज में आने के बाद छात्र दोस्तों को देखकर तंबाकू का सेवन शुरू कर देते हैं। शहर में इसे फैशन के नजरिए से देखा जाता है, इसकी रोकथाम के लिए काउंसलिंग की जरूरत है। -कुदरत, छात्रा
चंद मिनट की खुशी के कारण हो जाते हैं आदी
मैंने आसपास के ग्रुप में जो तंबाकू को लेकर चलन देखा है, उसमें छात्र चंद मिनट की खुशी के चलते इसके आदी हो जाते हैं। सबसे पहले छात्र तंबाकू सेवन अपने दोस्तों से सीखते हैं, इसके बाद तनाव आदि का बहाना लगाकर इसे जारी रखते हैं। -उपासना, छात्रा
चंडीगढ़ में युवा इसे स्वैग के तौर पर देखते हैं
कॉलेज में छात्रों ने तंबाकू सेवन को कल्चर बनाया हुआ है। इसके कारण अधिकांश छात्र दोस्तों के दबाव में ही तंबाकू सेवन शुरू कर देते हैं। मैंने जो देखा है चंडीगढ़ में युवा इसे स्वैग के तौर पर देखते हैं। -महकदीप सिंह, छात्र
इनसेट
चंडीगढ़ के फैक्ट सीट 2022 की दी जानकारी
13.7 प्रतिशत : तंबाकू उपयोगकर्ता
3.5 प्रतिशत : सिगरेट पीने वाले
6.4 प्रतिशत : बीड़ी का सेवन करने वाले
6.1 प्रतिशत : एसएलटी उपयोगकर्ता
इनसेट-
तंबाकू के छोड़ने के फायदे भी बताए
- दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है
- रक्त संचार और फेफड़ों की कार्य प्रणाली बेहतर होना
- खांसी, थकान और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कम होना
- हार्ट अटैक का खतरा कम होना
- मुंह, गले, भोजन की नली, ब्लेडर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का खतरा कम होना