जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ 2 ने राशि लेने के बाद भी प्लॉट का पजेशन न देने पर बिल्डर को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। आयोग ने बिल्डर (तीन पार्टियाें) को निर्देश दिया है कि वह संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को 67 लाख 79 हजार 113 रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर के साथ लौटाए।
इसके साथ ही 50 हजार रुपये मुआवजा भी अदा करे। इस आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 20 हजार रुपये अतिरिक्त राशि चुकानी होगी।
शिकायतकर्ता निर्मल सिंह (अब मृतक) और उनकी पत्नी जोगिंदर कौर निवासी सरगांवाली जिला जालंधर ने फेज 10 मोहाली स्थित अल्टस स्पेस बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड, द ग्रेटर पंजाब ऑफिसर्स को-ऑपरेटिव बिल्डिंग सोसाइटी फेज-10 मोहाली और सेक्टर-69 एसएएस नगर मोहाली स्थित अजीज एसोसिएट्स के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी।
यह भी पढ़ें ः मनोवैज्ञानिकों के पास आ रही अभिभावकों की कॉल: लाडले को लगी मोबाइल की लत, कैसे छुड़ाएं
जोगिंदर कौर ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित बिल्डर के प्रोजेक्ट मुरीवुडस इकोसिटी में 350 वर्ग गज के प्लॉट के लिए आवेदन किया। उन्होंने 9 मार्च 2012 से 26 जून 2015 तक 67 लाख 79 हजार 113 रुपये बिल्डर को दिए।
11 नवंबर 2014 को प्लॉट खरीद का समझौता हुआ। एग्रीमेंट के 30 महीनों के अंदर 10 मई 2017 तक प्लॉट का पजेशन दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। वहीं, आयोग के सामने दूसरे पक्ष ने कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।