इस बयान पर बढ़ा विवाद
आदमपुर से कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने शुक्रवार को पार्टी से नाराजगी पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि राज्यसभा चुनाव में वोट अपनी अंतरात्मा की आवाज से डालेंगे। राहुल गांधी से मिले बिना पार्टी के किसी मंच पर नहीं जाएंगे। जरूरत है तो राहुल उन्हें बुलाएं। इस पर हुड्डा ने कहा कि अंतरात्मा भी है और पार्टी के नियम भी। जिनकी अंतरात्मा पार्टी में नहीं है उनको उसमें रहने का अधिकार भी नहीं। हुड्डा के यह कहते ही बिश्नोई भी पीछे नहीं रहे।
खतरे में पड़ेगा भीतरघात करने वाले विधायकों का भविष्य
10 जून को मतदान के दौरान अगर कोई कांग्रेस विधायक क्रॉस वोटिंग करता है तो कांग्रेस से उसकी विदाई तय है। यह सीधे आलाकमान से बगावत होगी, चूंकि माकन सीधे तौर पर सोनिया और राहुल गांधी के उम्मीदवार हैं। भूपेंद्र हुड्डा से ज्यादा इस चुनाव से आलाकमान की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है।
माकन के साथ ही प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल सीधे आलाकमान को रिपोर्ट देंगे, इसलिए बागी विधायकों का पार्टी में बने रहा संभव नहीं होगा। गुप्त मतदान सिर्फ निर्दलीय विधायक, इनेलो और हलोपा विधायक ही कर पाएंगे। भाजपा, कांग्रेस और जजपा विधायकों को अपने वोट पार्टी के एजेंट को मतपेटी में डालने से पहले दिखाने होंगे, जो नहीं दिखाएगा उसका वोट रदद हो जाएगा।
निर्दलीय उम्मीदवार का करेंगे समर्थन: मनोहर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार को केवल 31 विधायकों के वोट की जरूरत है, बाकी वोट निर्दलीय उम्मीदवार को जाएंगे। जजपा और निर्दलीय के अलावा अन्य विधायकों का भी कार्तिकेय को समर्थन है। दोनों सीटें भाजपा जीतेगी।