जालंधर के ढिल्लों ब्रदर्स मानवजीत और जश्नदीप आत्महत्या मामले में बर्खास्त एसएचओ नवदीप सिंह को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने याचिका को दूसरी सुनवाई पर ही सिरे से खारिज कर दिया।
एसएचओ नवदीप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और तीन सितंबर को दर्ज की गई एफआईआर में अग्रिम जमानत की मांग की थी। आरोप है कि एसएचओ नवदीप सिंह से तंग आकर दो भाइयों मानवजीत और जश्नदीप ने दो सितंबर को उफनाती ब्यास नदी में छलांग लगा जान दे दी थी। मानवदीप सिंह ने पुलिस को शिकायत देते हुए कहा था कि दोस्त की बहन परमिंदर कौर का पति गुरमीत सिंह और उसके परिवार के साथ विवाद है।
जालंधर डिवीजन नंबर 1 के पुलिस स्टेशन के एसएचओ नवदीप सिंह के पास यह मामला पहुंचा था। 16 अगस्त को थाने में दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। आरोप के अनुसार इस दौरान लड़के पक्ष ने परमिंदर कौर और मानवजीत के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस कर्मियों ने भी उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया। कुछ देर बाद एक व्यक्ति मानवजीत को एसएचओ नवदीप सिंह के पास ले गया। कुछ मिनट बाद अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाज आई और मानवजीत के साथ मारपीट व बेहद बुरा सुलूक किया गया।
आरोप है कि मानवजीत की पगड़ी उतारी गई और बेरहमी से पिटाई की गई। इसके बाद महिला कांस्टेबल से बदसलूकी की बात कहते हुए मानवजीत पर ही मामला दर्ज कर लिया गया और हिरासत में ले लिया गया। अगले दिन मानवजीत को इस मामले में जमानत मिल गई थी। इस प्रताड़ना से आहत होकर मानवदीप व उसके भाई जशनदीप ने ब्यास में छलांग लगा दी। पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है और इसी मामले में अग्रिम जमानत के लिए नवदीप सिंह ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।