पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंदर सिंह चहल को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें दो नवंबर तक अंतरिम जमानत का लाभ दे दिया है।
भरत इंदर चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था है कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है। चहल ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज एफआईआर में उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए।
चहल ने बताया है कि उनकी तरफ से अपने सभी बैंक खातों, संपत्ति और आय का पूरा ब्योरा विजिलेंस को दिया जा चुका है। बावजूद इसके उन्हे रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब वे 75 साल के हैं और जांच में सहयोग देने को तैयार हैं। हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत का लाभ देते हुए हाईकोर्ट में हलफनामे के जरिए संपत्ति का ब्योरा व आय से संबंधित जानकारी देने का आदेश दिया है।
23 अगस्त को पटियाला की अदालत ने चहल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया था कि चहल जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके बाद निचली अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। जांच एजेंसी उनके खिलाफ दर्ज मामले की उचित जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। अदालत ने कहा था कि याची विजिलेंस को जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए सही और वास्तविक तथ्यों को प्रकाश में लाने के लिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है।