मनीष ने बताया कि उन्हें कोरोना हुआ ही नहीं, न ही उनके ब्लॉक के किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है फिर वह आराम किस लिए करें। जीरकपुर की एक कंपनी में मैनेजर का काम करने वाले सुनील (बदला हुआ नाम) ने बताया कि बापूधाम के खुलने के बाद वह कंपनी में फोन करते रहे लेकिन उन्हें अभी घर बैठने को ही कहा गया है। अब कंपनी के मालिक फोन भी नहीं उठाते हैं।
सोशल मीडिया पर लोग बापूधाम वासियों पर कर रहें अभद्र टिप्पणी
लोग सोशल मीडिया पर बापूधाम वासियों पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। कोई बापूधाम के लोगों को गालियां दे रहा है तो कोई यहां के लोगों की तुलना जमात से कर रहा है तो कोई वहां आग लगाने की बात कर रहा है। फेसबुक पर राजीव बोली नाम की आईडी से एक कमेंट किया गया, जिसमें लिखा गया है कि बापूधाम के लोगों को जेल में डाल देना चाहिए।
यह लोग जमात से कम नहीं हैं। अमन कंगना नाम की आईडी से कमेंट किया गया कि बापूधाम के सभी लोगों को कोरोना है, इन्हें उठा कर नाइजीरिया, सोमालिया ले जाकर फेंक देना चाहिए। वहीं, नमराज आचार्य नाम की फेसबुक आईडी से कमेंट किया गया कि यहां आग लगा देना चाहिए, तभी कोरोना कंट्रोल में होगा।
बापूधाम के लोगों के साथ भेदभाव न करें: प्रशासक बदनौर
बापूधाम के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी शहरवासियों से अपील कर चुके हैं कि बापूधाम के क्लीन पॉकेट में रहने वाले लोग संक्रमित नहीं है। उनके साथ भेदभाव न करें। उन्हें पहले की तरह ही अपना समझे और नौकरी पर वापस रखें। इसके अलावा एडवाइजर मनोज परिदा ने भी कहा है कि बापूधाम के जिन पॉकेट्स को खोला गया है, वहां रहने वाले लोगों की चिकित्सक जांच की गई है। वह सभी स्वस्थ्य हैं और उन्हें काम पर रखने में कोई डर नहीं है।
सभी बापूधामवासी कोरोना जैसी वैश्विक माहमारी से जीत हासिल कर चुके हैं। प्रशासन ने लोगों का मेडिकल चेकअप करके ही शहर में आने-जाने की व काम करने की इजाजत दी है। ऐसे में यहां के लोगों के साथ भेदभाव करना बहुत गलत है। यहां के लोगों ने तो कोरोना को हराया है, इनका को सम्मान होना चाहिए। - येंकी कालिया, पूर्व वाइस चैयरमैन, चंडीगढ़ कांग्रेस कालोनी सेल
अभी तक इस संबंध में चंडीगढ़ प्रशासन के पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर भविष्य में ऐसी शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - मनोज परिदा, एडवाइजर