चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। परिवहन विभाग का कहना है कि फिलहाल सीटीयू की सभी बसें नहीं चल रही हैं, इसलिए सीटीयू को कंडक्टरों की जरूरत नहीं है। वहीं, दूसरी ओर एक अन्य कंपनी ने हजारों युवाओं से सीटीयू कंडक्टरों की भर्ती के लिए फॉर्म भरवा लिए हैं। नौ अगस्त से 14 अगस्त के बीच करीब चार हजार से ज्यादा युवाओं ने इसके लिए आवेदन किया है।
बता दें कि परीक्षा पास करने, मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने की वजह से चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के 392 अभ्यर्थी पिछले 19 महीनों से बेरोजगार बैठे हैं। उनका कहना है कि जब सीटीयू को कंडक्टरों की जरूरत है और पहले से 392 कंडक्टरों का चयन किया जा चुका है तो उन्हें नियुक्ति न देकर बिना परीक्षा लिए अन्य लोगों को क्यों भर्ती किया जा रहा है। इस सवाल पर अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है।
नौकरी के लिए इन युवाओं ने सोशल मीडिया पर अब अभियान शुरू कर दिया है और प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को टैग कर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। अपने साथ अन्याय होते देख और नौकरी की मांग को लेकर रोजाना दर्जनों अभ्यर्थी पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय पहुंच रहे हैं। एक युवक ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पास बनवाने के बाद भी अधिकारी मिलने से इंकार कर देते हैं। सोमवार को सचिवालय पहुंचे युवा पटियाला, अंबाला, फतेहाबाद, हिसार, नरवाना, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, राजपुरा, होशियारपुर, यमुनानगर समेत अन्य जिलों से आए थे। इनका कहना है कि एक तरफ विभाग उन्हें कह रहा है कि कंडक्टरों की जरूरत नहीं है, जबकि दूसरी तरफ एक अन्य कंपनी से कंडक्टर के पद पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए जा रहे हैं।
ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज
ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ ने परीक्षा पास कर मेरिट में आए 392 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। इसके लिए संघ के चेयरमैन विपिन शेर सिंह ने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, परिवहन विभाग के सचिव मनदीप सिंह बराड़ व अन्य को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि 392 योग्य युवाओं को सीटीयू में कंडक्टरों के खाली पदों पर शामिल होने का अवसर दिया जाए, क्योंकि उनका चयन विभाग द्वारा विधिवत अपनाई गई प्रक्रिया के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन के अनुमोदन से किया गया था। उचित नियुक्ति न मिलने पर यह चयनित अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा कि भर्ती के नाम पर विभाग द्वारा युवाओं का शोषण किया जा रहा है, जिसे तुरंत रोकने की जरूरत है।
वर्जन-
सीटीयू की तरफ से कंडक्टरों की कोई भर्ती नहीं की जा रही है। मैंने परिवहन विभाग के निदेशक से भी पूछा है उन्होंने भी यही कहा है कि कोई भर्ती नहीं की जा रही है। हमारे पास रेगुलर कंडक्टर मौजूद हैं और नई बसें अभी आनी हैं। जो कंपनी आवेदन मांग रही है, वो अपने स्तर पर कुछ कर रहे होंगे। विभाग की तरफ से फिलहाल कुछ नहीं है।
- मनदीप सिंह बराड़, सचिव, परिवहन विभाग