सर्टिफिकेट चाहिए तो देना होगा हजार रुपये शुल्क, फेल होने पर नहीं होगा वापस
कोर्स पूरा होने के बाद यदि कोई प्रतिभागी सर्टिफिकेट लेना चाहेगा तो उस कोर्स के लिए एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। यदि प्रतिभागी परीक्षा पास कर लेता है तो यह शुल्क उसे वापस कर दिया जाएगा। सिर्फ फेल होने की स्थिति में शुल्क वापस नहीं होगा। कोर्स करने के इच्छुक प्रतिभागी कोर्स शुरू होने के बीच कभी भी
https://onlinecourses.swayamw.ac.in पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं।
चार जनवरी से इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो चुकी है। अब तक 5051 आवेदन प्राप्त हो गए हैं। कोर्स शुरू होने के बाद प्रतिभागी लेक्चर्स डाउनलोड कर उसे बाद में अपनी सहूलियत के हिसाब से पढ़ सकते हैं। इसमें वीडियो लेक्चर, पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन इत्यादि की मदद से पाठ्यक्रम को समझाया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करवाती है परीक्षा
पंजाब यूनिवर्सिटी के इस ऑनलाइन डिजिटल कोर्स के लिए परीक्षा ऑफलाइन करवाई जाएगी। इसकी परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की है। डॉ. तेजिंदरपाल पाल ने बताया कि परीक्षा के लिए पेपर सेटिंग और पेपर का पैटर्न निर्धारित करने की जिम्मेदारी कोर्स को-ऑर्डिनेटर की होती है। इसलिए पेपर तैयार उनकी तरफ से किया जाता है।
कोर्स के तीन महीने पूरे होने के बाद एनटीए परीक्षा की तारीख और परीक्षा केंद्र निर्धारित करती है। परीक्षा के केंद्र कोर्स के लिए आवेदन करने वाले प्रतिभागियों की रिहायश के आधार पर होता है। मान लीजिए कि यदि अधिकतर परीक्षार्थी चंडीगढ़ के हैं तो उनके लिए चंडीगढ़ में ही केंद्र बना दिया जाएगा।