जानकारी के मुताबिक मोहाली में पेट्रोलियम पदार्थों के महंगे होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह वैट की ज्यादा दर है। मोहाली में पेट्रोल पर वैट की दर 31.17 फीसदी है, जबकि डीजल पर 19.56 फीसदी है। पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की 22.45 फीसदी है और डीजल पर 14.03 फीसदी है। इसी तरह पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की दर 26.25 फीसदी और डीजल पर 17.23 फीसदी है। जहां तक पेट्रोल पंपों की संख्या की बात करें तो भी इस मामले में मोहाली आगे है। मोहाली जिले में 68 पेट्रोल पंप हैं। जबकि चंडीगढ़ में 41 और पंचकूला में 40 पंप हैं।
पेट्रोल-डीजल भरवाने चंडीगढ़ ज्यादा जाते हैं लोग
ट्राइसिटी में सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल के दाम चंडीगढ़ में हैं। यहीं कारण है कि मोहाली और पंचकूला के लोग भी चंडीगढ़ से पेट्रोल या डीजल अपनी गाड़ियों में भरवाना पसंद करते हैं। इसका फायदा भी चंडीगढ़ के पेट्रोल पंप मालिकों को मिलता है। चंडीगढ़ में रोजाना करीब 18000 लीटर पेट्रोल और करीब 22000 लीटर डीजल बिकता है। जबकि पंचकूला में पेट्रोल करीब 5000 और डीजल करीब 8000 लीटर बिकता है। अगर बात मोहाली की करें तो यहां पर रोजाना सबसे कम करीब 800 लीटर पेट्रोल और 2500 लीटर डीजल बिकता है।
मोहाली के पेट्रोल पंप मालिक ने की थी आत्महत्या
साल 2018 में पेट्रोल पंप मालिकों ने भूख हड़ताल की थी। इस समय उनकी दलील थी कि मोहाली की अपेक्षा चंडीगढ़ और पंचकूला में पेट्रोल और डीजल काफी सस्ता है। इस वजह से उनका व्यापार खत्म हो गया है। लोग पेट्रोल-डीजल डलवाने सीधे चंडीगढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ समय पहले मोहाली के एक नामी पेट्रोल पंप मालिक ने आत्महत्या कर ली थी। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वह सरकार को कई बार इस चीज के बारे में बता चुके हैं लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।