डीजीपी हरियाण्ाा, केपी सिंह
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पुलिस महानिदेशक डॉ. केपी सिंह ने कहा है कि यदि कोई अपराधी महिला की इज्जत पर हाथ डालता है या किसी की संपत्ति को जलाता है तो आम आदमी को भी ऐसे अपराधी को जान से मारने का हक है। पुलिस ने तो वर्दी पहनी है, उसकी तो ड्यूटी बनती है। लेकिन आम आदमी भी ऐसी स्थिति में कोई कदम उठा सकता है। हर किसी को अपनी रक्षा करने का हक है। डीजीपी वीरवार को कैथल और जींद में पंचायती राज में पुलिस की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
जींद में रोहतक रोड स्थित विष्णु गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी ने कहा कि अगर फिर से प्रदेश में कोई उपद्रव की कोशिश करेगा तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि प्रदेश में बाहर के लोग ही आकर लड़ाई करते हैं। ऐसे में अब भी जो लोग यूपी से आकर यहां लड़ाई करवाना चाहते हैं, पुलिस उनसे सख्ती से निपटेगी।
गौरतलब है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक यूपी से हैं और उन्होंने आंदोलन की घोषणा कर रखी है। उन्होंने कहा कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं और ताना बाना बिगाड़ने वालों को देर-सवेर कानून के दायरे में आना ही पड़ता है।
अपराध नहीं रोक सकते तो खाकी पहनने का हक नहीं
कैथल में डीजीपी ने पुलिस कर्मचारियों को उनके कर्तव्य का पाठ पढ़ाया और खरी-खरी भी सुनाई। उन्होंने कहा अगर खाकी पहनकर भी अपराध नहीं रोक सकते तो खाकी उतार दो। पुलिसकर्मी के एक पद के लिए एक हजार युवा लाइन में खड़ा है। उन्होंने यहां भी कहा कि अगर कहीं, मां, बहन, बेटी से अन्याय हो रहा है तो आम आदमी को भी अधिकार है कि वह अपराधी को मार दे। आम आदमी भी सख्त कार्रवाई कर सकता है।