नवरात्र की अष्टमी पर बुधवार को मां के भक्तों ने कन्या पूजन किया। जिनके घरों में कन्या नहीं हैं, उन्होंने मंदिरों के बाहर बैठे कन्याओं की पूजा की। कई लोगों ने पड़ोस की कन्याओं का पूजन किया। सेक्टर-20 के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर और गुग्गामाड़ी श्री हनुमान मंदिर के बाहर माता के भक्तों ने कन्या पूजन किया।
कई लोग वहां से अपने घर अपने वाहन पर बैठाकर कन्याओं को लेकर गए। पूजा के बाद फिर वहीं पर कन्याओं को छोड़ा। सेक्टर 40 निवासी और फेडरेशन ऑफ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान वीएन शर्मा ने बताया कि अष्टमी पर कई लोग अपने घरों के बाहर सड़क पर कंजकों का इंतजार किया।
उन्होंने कहा कि लोगों को समझ में आनी चाहिए कि नवरात्र में कन्या को पूजने के लिए क्यों ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रण हत्या न करने का हर घर में संकल्प होना चाहिए। यह चेतावनी समझना चाहिए। हर घर में कन्या का होना जरूरी है। ताकि कन्या पूजन के लिए कन्याओं के लिए सड़क पर न आना पड़े। सेक्टर-20 के गुग्गामाड़ी श्री हनुमान मंदिर के प्रमुख पंडित किशोरी लाल ने बताया कि अष्टमी पर मंदिर में पूजा के बाद 11 कन्याओं की पूजन के बाद उन्हें भेाजन कराया गया और दक्षिणा प्रदान किया गया।