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Mahashivratri 2022: बम-बम भोले के जयकारों से गूंजे शिवालय, मंदिरों में लगी शिवभक्तों की कतारें

Tue, 01 Mar 2022 10:53 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
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महाशिवरात्रि 2022 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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मंगलवार को महाशिवरात्रि पर मंदिर भोले बाबा के जयकारे गूंज उठे। पंजाब के मुक्तसर में सभी मंदिर बाबा भोलेनाथ के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। शहर के श्री राम भवन, श्री श्याम मंदिर, श्री रघुनाथ मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, महादेव मंदिर, शक्ति मंदिर, श्री मनन धाम, बाबा कांशी प्रसाद शिव मंदिर, श्री दुर्गा मंदिर गीता भवन, जय मां चिंतपूर्णी मंदिर, श्री नर्मदेश्वर शिव मंदिर, प्राचीन शनि मंदिर समेत अन्य देवालयों में भक्तों का तांता लगा है।

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मुक्तसर जिले में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महाशिवरात्रि उत्सव को लेकर शहर के विभिन्न मंदिरों एवं शिवालयों में श्रद्धालु सुबह करीब चार बजे से ही उमड़ने लगे थे। मंदिरों में श्रद्धालु कतारों में लग भोले बाबा की पूजा-अराधना में लगे हैं।

सुबह चार बजे से ही जहां मंदिरों में घंटियां बजने लगी तो वहीं बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर गुंजायमान हो उठे। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, मिठाई, फल, भांग, धतूरा, बेल पत्र और गंगाजल चढ़ा पूजन किया। अनेकों श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर शिव चालीसा पाठ भी किया। महाशिवरात्रि पर सभी मंदिरों को सजाया गया है।
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इस बार बना बेहद खास योग
महाशिवरात्रि का महापर्व एक मार्च को है। इस बार यह पर्व भौमवासरी धनिष्ठा नक्षत्र, परिध और शिव योग में संपन्न होगी। यह बहुत ही श्रेष्ठ योग है। परिध योग शत्रुओं का नाश करने वाला है और शिवयोग कल्याण प्रद है। यह कहना है श्री देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष और सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री का। 

उन्होंने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात्रि को महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। शिव का अर्थ है कल्याण एवं रात्रि का अर्थ है रात, शिवरात्रि यानी कल्याण की रात्रि। उन्होंने कहा कि जो साधक अपने मनोरथ पूर्ण करना चाहते हैं एवं अपना कल्याण चाहते हैं उन्हें महाशिवरात्रि का व्रत एवं महादेव जी की पूजा व अभिषेक करना चाहिए।

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