हरमंदिर साहिब में मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु
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लॉकडाउन व कर्फ्यू के दौरान शहर के अलग-अलग चौराहों पर लगाए गए नाकों में दी गई ढील के बीच सैकड़ों श्रद्धालु सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे। संगत ने पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे नतमस्तक होकर सरबत के भले की अरदास की और पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई।
एसजीपीसी ने श्री हरमंदिर साहिब परिसर में स्थित सभी छबीलों पर ठंडे-मीठे पानी का प्रबंध किया हुआ था। वहीं शहीदी पर्व पर संगत की आमद अधिक होने के कारण बीते दो महीने से श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय की तरफ जाने वाले रास्ते का जोड़ा घर खोल दिया गया। सचखंड पहुंची संगत को सामाजिक दूरी का पालन करवाया गया।
श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन की परिक्रमा में बैठ कर गुरुबाणी श्रवण कर रहे श्रद्धालु भी सामाजिक दूरी बना कर बैठे हुए थे। एसजीपीसी ने गुरु श्री अर्जन देव जी का शहीदी पर्व ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया। श्री अखंड साहिब पाठ के भोग के बाद सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी निर्मल सिंह के जत्थे ने गुरुबाणी का गायन कर संगत को गुरुघर के साथ जोड़ा।
अरदास भाई बलविंदर सिंह कालेके ने की। कोरोना के कारण शहीदी पर्व पर संगत की भीड़ इकट्ठी नहीं की गई। एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने संगत से अपील की थी कि वह घर में बैठ कर पाठ करें। इस कारण गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में समागम सांकेतिक रूप में ही किया गया।