खरखौदा बाईपास पर गोदाम में रखी शराब तस्करी का षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, आरोपी को बचाने के लिए उसकी मदद करने और भ्रष्टाचार अधिनियम में दो दिन के रिमांड पर लिए गए जयपाल के तस्करी के आरोपी भूपेंद्र व उसके भाई जितेंद्र से करीबी रिश्ते रहे हैं।
एसआईटी की पूछताछ में सामने आया है कि वह कई साल से उनके संपर्क में था। वहीं मामले में फरार चल रहे नरेंद्र के साथ जयपाल पर बड़ी कार्रवाई के लिए एसपी ने दोनों ने प्रशासनिक जांच शुरू करा दी है। इसमें जयपाल के रिकार्ड की जांच के लिए तीन व नरेंद्र की जांच के लिए दो प्रशासनिक टीम काम कर रही हैं। गोदाम में शराब की गिनती जारी है।
खरखौदा में शराब का खेल लंबे समय से चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक दशक से शराब तस्करी का गोरखधंधा चल रहा था। इसमें कई पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया गया। आरोप है कि जयपाल भी भूपेंद्र के साथ इसमें लंबे समय से मिला हुआ है। जयपाल पर आरोप है कि उसने शराब तस्करी और केस प्रापर्टी की शराब गोदाम से ठिकाने लगाने में भूपेंद्र की सहायता की।
भूपेंद्र के साथ ही जयपाल के उसके भाई जितेंद्र से भी अच्छे संबंध थे। बताया गया है कि करीब चार पहले जयपाल की खरखौदा थाने में नियुक्ति हुई थी। इसी दौरान वह भूपेंद्र का करीबी बन गया। उसका तबादला हुआ तो भूपेंद्र ने अपने रसूख से उसे दोबारा खरखौदा में नियुक्ति दिला दी। वर्ष 2018 के आखिर में उसका फिर से तबादला हो गया था। वर्ष 2019 में उसे फिर यहां नियुक्ति मिल गई।