साध्वी रेप केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई। जानिए उसके बाद बाबा की पहली रात जेल में कैसे बीती। अर्श से फर्श पर आया डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम अब सुनारिया जेल का कैदी नंबर 8647 होगा। सजा होने के बाद सोमवार देर रात उसे कैदी नंबर दिया गया। सजा होने से पहले वह हवालाती नंबर 1997 था।
राम रहीम को जेल की अप्रूव सेल में रखा गया है। यह सेल बेहद सुरक्षा के बीच है। सजा होने के बाद से राम रहीम गुमसुम है। जब रात को जेल प्रशासन की तरफ उसे उन्हें खाना परोसा गया तो उन्होंने खाने से इनकार कर दिया। खाना परोसने वाले व्यक्ति ने राम रहीम ने कहा कि आज उन्हें भूख नहीं है। खाने से इनकार करने के बाद वह सेल में घूमते रहे।
उन्होंने किसी से कोई बातचीत नहीं की। राम रहीम ने अपने वकीलों से भी ज्यादा बात नहीं की। हालांकि जेल जाने से पहले उनके स्वास्थ्य की जांच करवाई गई थी। तब वह मेडिकल तौर पर फिट थे। राम रहीम को रात को ही कैदियों के कपड़े भी दे दिए गए। अब वह आम कैदियों की तरह जेल में रहेंगे। उन्हें किसी भी तरह की सुविधा नहीं दी जाएगी।
रोहतक जेल में रहेगा डेरा मुखी
राम रहीम
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रोहतक जेल को डेरा मुखी के लिए सुरक्षित माना जा रहा है। यहां पर न केवल डेरा प्रेमी कम हैं, बल्कि भौगोलिक स्थिति के चलते भी सुनारिया जेल सुरक्षित है। दूसरा, अदालत के अंदर अभी डेरा मुखी या सीबीआई के वकीलों ने अदालत से यह मांग नहीं की है कि गुरमीत राम रहीम को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। जेल अधिकारियों का कहना है कि अदालत ने भी अभी रोहतक जेल में रखने के ही वारंट जारी किए हैं।
अभी नहीं मिलेगा डेरामुखी को अवकाश
जेल नियमों के तहत कैदी एक साल में एक माह का अवकाश ले सकता है, लेकिन इसके लिए मजबूत आधार होना चाहिए। ज्यादातर मामलों में मेडिकल या पारिवारिक ग्राउंड दिया जाता है। इस तरह डेरा मुखी 20 साल की सजा के दौरान 20 माह अवकाश ले सकते हैं। हालांकि यह फैसला जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर सरकार द्वारा लिया जाता है।
20 साल की सश्रम कैद, 30 लाख रुपये जुर्माना
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राम रहीम को सोमवार को सुनारिया जेल में लगी सीबीआई की विशेष अदालत ने दुष्कर्म के दो मामलों में 10-10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलने से गुरमीत राम रहीम को 20 साल तक जेल में रहना पड़ेगा। अदालत ने दोनों मामलों में 15-15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नौ पेज के फैसले में अदालत ने आदेश दिए हैं कि जुर्माने में से दोनों पीड़ित महिलाओं को 14-14 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएं।
जुर्माना नहीं अदा करने पर सजा दो-दो साल बढ़ जाएगी। वहीं, डेरा मुखी के वकील सुरेंद्र गर्ग का कहना है कि वे अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। सोमवाल को सुनारिया जेल के अंदर बनाई गई स्पेशल कोर्ट में जेल के सुरक्षा गार्ड ने दुष्कर्म के दोषी गुरमीत राम रहीम को अदालत में पेश किया। अदालत में 10-10 मिनट तक दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी बात रखी। इसके बाद दुष्कर्म के दोनों मामलों में 10-10 साल कैद और 15-15 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही यह भी कहा कि एक मामले में सजा पूरी होने के बाद दूसरी सजा चलेगी।
बता दें कि मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत से 25 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप का दोषी करार दिया था। उसके बाद डेरा समर्थकों ने पंचकूला और सिरसा सहित हरियाणा के दूसरे जिलों और पंजाब से लेकर राजस्थान एवं दिल्ली एनसीआर तक में डेरा समर्थकों ने आगजनी की थी। पंचकूला और सिरसा में सुरक्षा बलों की फायरिंग में 38 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई कारों और बाइक को आग के हवाले कर दिया था। कई जगहों पर तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं।