चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में खाली पड़ी सीटों को पूरी तरह से भरने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष ड्राइव चलाई जा रही है। इसमें सरकारी स्कूलों से दसवीं की कक्षा पास करने वाले छात्रों को ही सरकारी स्कूल में ग्यारहवीं में दाखिले का मौका दिया जा रहा है। इसको लेकर बुधवार को अभिभावकों और छात्रों ने सेक्टर-9 शिक्षा विभाग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि बच्चा चाहे सरकारी से पढ़ा हो या प्राइवेट से, सभी को दाखिले का मौका मिलना चाहिए।
अभिभावक कैलाश ने बताया कि शिक्षा विभाग निजी स्कूल में पढ़े हुए छात्र को तीसरी काउंसलिंग में सरकारी स्कूल में 11वीं में दाखिला देने से इंकार कर रहा है जबकि हर साल 11वीं दाखिले में तीसरी काउंसलिंग में सबको दाखिले का मौका मिलता था, यह ठीक नहीं है। शिक्षा विभाग के निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया कि 11वीं में दाखिले के लिए तीसरी काउंसलिंग सिर्फ सरकारी स्कूलों से दसवीं पास करने वाले छात्रों के लिए ही चलाई गई है। प्रॉस्पेक्टस में लिखा हुआ था कि शिक्षा विभाग की ओर से 11वीं में दो काउंसलिंग करवाई जाएगी क्योंकि सरकारी स्कूल से पास कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण निजी स्कूल में दाखिला लेने में असमर्थ होते हैं, इसलिए यह प्रयास किया गया है।
स्कूलों में बढ़ाई दो हजार सीटें
निदेशक बराड़ ने बताया कि दूसरी काउंसलिंग के बाद सरकारी स्कूलों से दसवीं पास दो हजार के करीब विद्यार्थियों का मेरिट उच्च होने के कारण दाखिला नहीं हो पाया था। इन छात्रों को स्पेशल ड्राइव चलाकर स्कूल में भर्ती करने के लिए विभाग ने स्कूलों में दो हजार सीटें बढ़ाई हैं। कमरे कम होने के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ छात्र-शिक्षक अनुपात पर भी प्रभाव पड़ा है। इसलिए तय सीमा से अधिक निजी स्कूलों के छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा सकता।
आज आवेदन करने का अंतिम दिन
सरकारी स्कूलों के बच्चों को दाखिला दसवीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रदान किया जाएगा। दाखिला पोर्टल पर बच्चों को आवेदन करते समय स्कूल और स्ट्रीम भी भरना होगा। बच्चों को 20 अक्तूबर के बीच आवेदन करना होगा। 22 अक्तूबर को वेबसाइट पर एडमिशन लिस्ट जारी की जाएगी। 22 से 26 अक्टूबर को फीस जमा करवानी होगी। शिक्षा विभाग ने इस विशेष जांच के दौरान माइग्रेशन की अनुमति नहीं दी है।