सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी।
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पंजाब के पवित्र शहरों में मांस और शराब पर पाबंदी की मांग उठने लगी है। पंजाब में यह मांग सिख तालमेल कमेटी ने उठाई है। सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी तजिंदर सिंह प्रदेशी, हरपाल सिंह चड्ढा, हरप्रीत सिंह नीटू, गुरविंदर सिंह सिद्धू व विक्की खालसा बस्ती मिट्ठी ने कहा कि वर्ष 1981 से श्री अमृतसर साहिब को पवित्र शहर का दर्ज देने की मांग उठी थी। यह मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।
वहीं अब उत्तर प्रदेश सरकार ने मथुरा समेत सात शहरों को पवित्र शहरों का दर्जा देकर मांस व शराब पर पाबंदी लगा दी है। इसलिए अब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार भी श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब समेत वे स्थान जहां गुरु साहिबानों ने अपने चरण डाले, उन्हें पवित्र शहरों का दर्ज देकर मांस और शराब व तंबाकू पर पाबंदी लागू करे ताकि सिख समाज की दशकों पुरानी मांग पूरी हो सके। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से निवेदन किया है कि वे सभी पार्टी स्तर से ऊपर उठकर इस मांग को मनाने के लिए कैप्टन सरकार पर दबाव डालें।
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था ये एलान
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की इच्छा के अनुरूप मथुरा में मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि इससे प्रभावित लोगों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए। दरअसल, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंच थे। इस दौरान योगी ने कहा था कि मथुरा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महिमा को पुनर्जीवित करने के लिए शराब और मांस के व्यापार पर रोक लगे। इससे प्रभावित लोग दूध बेचना शुरू कर सकते हैं। द्वापर युग का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा था कि दुग्ध उत्पादन और दूध की बिक्री के क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है।