सोनीपत के थाना कलां गांव के बीएसएफ जवान शहीद नरेंद्र सिंह के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक मदद व एक सदस्य को नौकरी देने के लिए दिल्ली सरकार ने नियम बदल दिया है। दिल्ली की कैबिनेट ने पांच साल से वहां रहने वाले जवान के परिवारों को मदद देने का प्रस्ताव पास किया है। यह नियम शहीद नरेंद्र के लिए बदला गया है और आप के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने बुधवार को शहीद नरेंद्र के घर पहुंचकर इस संबंध में पत्र भी सौंपा।
वहीं नवीन जयहिंद ने कहा कि जब दिल्ली सरकार इस तरह शहीद के परिवार की मदद कर सकती है तो हरियाणा सरकार को भी इतनी ही आर्थिक मदद व नौकरी जल्द देनी चाहिए। आप प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि थाना कलां के बीएसएफ के जवान नरेंद्र सिंह ने जिस तरह से देश की रक्षा करते हुए शहादत दी है, उसकी किसी भी तरह से भरपाई नहीं हो सकती है। लेकिन यह जरूर है कि शहीद के परिवार को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, उसके लिए उनकी आर्थिक मदद की जाए।
इसके लिए ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शहीद के घर पहुंचकर परिवार को एक करोड़ रुपये आर्थिक मदद व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया था। नवीन जयहिंद ने बताया कि उस वादे को पूरा करने के लिए ही मंगलवार को दिल्ली की कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पास किया है। जिसमें दिल्ली के अंदर पांच साल से रहने वाले जवान शहीद हो जाते हैं तो उसके परिवार को एक करोड़ आर्थिक मदद व एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
इस प्रस्ताव के पास होने से शहीद नरेंद्र के परिवार को एक करोड़ रुपये व एक नौकरी मिलेगी। इस संबंध में नवीन जयहिंद ने थाना कलां पहुंचकर शहीद के बेटे को दिल्ली सरकार का पत्र भी सौंप दिया। नवीन जयहिंद ने कहा कि इस तरह शहादत देने वालों के परिवार को राष्ट्र का परिवार घोषित किया जाना चाहिए, जिससे उनके सामने भविष्य में कभी कोई समस्या नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए सीमा पर शहीद होने वाले जवान का कोई जाति, धर्म, राज्य नहीं होता है, बल्कि उसके लिए पूरा देश एक समान होता है। उन्होंने कहा कि शहीद नरेंद्र सिंह की शहादत का बदला पाकिस्तान से जरूर लिया जाए। इस दौरान अनिल तुषीर, विमल किशोर आदि मौजूद रहे।