कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की भूख हड़ताल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पंजाब अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान समेत पार्टी के सभी विधायक और वालंटियर सोमवार को दिल्ली और चंडीगढ़ में भूख हड़ताल पर बैठे। इसके साथ ही पार्टी के विधायकों और स्थानीय नेताओं ने किसानों के जिलास्तरीय धरने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से किसानों के साथ है। देश के अन्नदाता के खातिर मर जाएंगे पर किसी के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों की बड़ी सीधी, सरल व स्पष्ट मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए कृषि कानून वापस लिए जाएं और सभी फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद को कानूनी गारंटी दी जाए।
चंडीगढ़ पार्टी मुख्यालय में भूख हड़ताल के दौरान नेता प्रतिपक्ष और आप नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि किसानों और आप नेताओं की भूख हड़ताल से केंद्र सरकार को सख्त संदेश दिया गया है। इसके अलावा उप नेता सरबजीत कौर माणूंके ने लुधियाना, प्रो. बलजिंदर कौर ने बठिंडा, कुलतार सिंह संधवां ने फरीदकोट, विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम ने मानसा और जै सिंह रोड़ी ने होशियारपुर में किसानों के जिला स्तरीय धरने में स्थानीय नेताओं और वालंटियरों के साथ भाग लिया।
चीमा ने कहा कि मोदी सरकार दिल्ली के सभी स्टेडियमों को जेल बनाकर किसान आंदोलन को बिना किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले ही खत्म करना चाहती थी, परंतु दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार की इस योजना पर पानी फेर दिया।
हरियाणा के हर जिले में आप का सामूहिक उपवास
किसानों के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने सोमवार को हरियाणा के सभी जिलों में किसानों को समर्थन देते हुए सामूहिक उपवास किया। इस दौरान हरियाणा के सहप्रभारी एवं सांसद सुशील गुप्ता ने सरकार से मांग भी की कि केंद्र सरकार किसानों की मांग स्वीकार कर जल्द इस आंदोलन को खत्म करवाए। सह प्रभारी ने बताया कि सोमवार को हरियाणा के विभिन्न जिलों में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कानूनों के विरोध और किसानों पक्ष में एक दिन का सामूहिक उपवास व धरना दिया।
केजरीवाल ने कृषि कानूनों पर केंद्र से की मिलीभगत : कांग्रेस
आम आदमी पार्टी को भाजपा की ‘बी’ टीम करार देते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने अरविंद केजरीवाल पर कृषि कानूनों पर केंद्र से मिलीभगत का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा है कि केजरीवाल कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए केंद्र के इशारे पर चल रहे हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, रवनीत बिट्टू और जसबीर सिंह डिंपा ने केंद्र के कृषि कानूनों में से दिल्ली सरकार द्वारा एक कानून को लागू करने पर केजरीवाल की निंदा की।