सोशल मीडिया पर कारोबारी विजय माल्या व नीरव मोदी के साथ नाम जोड़कर टिप्प्णी करने से नाराज इंडिया बुल की मैनेजमेंट कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के वकील एवं नोएडा निवासी प्रशांत भूषण के खिलाफ रोहतक कोर्ट में मानहानि का केस दाखिल किया है। कोर्ट ने प्रशांत भूषण को मंगलवार को पेश होने के लिए समन जारी किए थे। लेकिन उनके वकील ने कोर्ट में पेश होकर बताया कि प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि उनके केस को रोहतक से दिल्ली ट्रांसफर किया जाए।
साथ ही मंगलवार को उन्हें सुप्रीम कोर्ट में तीन सदस्यीय खंडपीठ के सामने पेश होना था, ऐसे में उनको हाजिरी माफी दी जाए। इस पर जेएमआईसी भरत की कोर्ट ने प्रशांत भूषण को हाजिरी माफी दे दी। अब मामले की सुनवाई 21 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण की तरफ जिला अदालत के वकील पीयूष गक्खड़ अदालत में पेश हुए।
उन्होंने बताया कि इंडिया बुल वेंचर कैपिटल मैनेजमेंट कंपनी प्रा. लि. का रोहतक में कार्यालय है, जिसके डायरेक्टर भव्य नरवाल ने सितंबर 2019 में अदालत में याचिका दायर की थी कि उनकी कंपनी इंडिया बुल हाउस फाइनेंस सेक्टर की देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी हैं। सितंबर 2019 को सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण ने कारोबारी विजय माल्या व नीरव मोदी से तुलना करते हुए उनकी कंपनी इंडिया बुल पर टिप्पणी की।
इससे कंपनी की साख और निवेशकों पर गलत असर पड़ा है। कंपनी की तरफ से वकील जितेंद्र हुड्डा की अर्जी पर अदालत द्वारा प्रशांत भूषण को समन जारी किए थे, जिनको 28 जनवरी को जेएमआईसी भरत की अदालत में पेश होना था लेकिन प्रशांत भूषण की तरफ से उनके वकील पेश हुए और अदालत को बताया कि प्रशांत भूषण को मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ के सामने केस की सुनवाई के लिए पेश होना है।
ऐसे में वे अदालत में आज नहीं आ सके। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रोहतक से दिल्ली केस ट्रांसफर करने की मांग की है। ऐसे में उनको मंगलवार की हाजिरी माफी दी जाए। कोर्ट ने वकील की अर्जी स्वीकार कर ली। अब 21 मार्च को मामले की आगामी सुनवाई होगी।