चंडीगढ़। भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए नगर निगम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में 17 ट्यूबवेलों को बंद करने का फैसला किया है। निगम के विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम की तरफ से प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को 17 ट्यूबवेलों को बंद करने की मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल भूजल स्तर बरकरार रहेगा बल्कि सालाना लगभग 50 लाख रुपये की बिजली भी बचेगी।
उन्होंने कहा कि बंद किए ट्यूबवेलों के पानी की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां अन्य स्रोतों के माध्यम से पानी पहुंचने लगा है। आयुक्त ने कहा कि विभिन्न उपयोगों के लिए ताजे पानी की बढ़ती मांग, वर्षा की अनियमितता, बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण और शहरीकरण आदि के कारण शहर के कुछ हिस्सों में भूजल स्तर में गिरावट आ रही है। एमसी इंजीनियरों की एक टीम ने सर्वेक्षण किया और भूजल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से 17 ट्यूबवेलों को बंद करने की सिफारिश की।
पानी बर्बाद करने पर चालान भी कर रहा नगर निगम
आयुक्त ने कहा कि निगम ने टिकाऊ भूजल प्रबंधन के संबंध में कई कदम उठाए हैं। बताया कि पीने का पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई जारी है। अब तक शहरभर में पानी की बर्बादी व लीकेज पर 425 लोगों को नोटिस दिया गया है और पीने के पानी से कार-बाइक धोते व गार्डन को पानी देने पर मौके पर ही 89 लोगों के चालान काटे गए हैं। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। साथ ही कहा कि निगम ने 1051 पानी के खराब मीटरों को भी बदल चुका है। इसके लिए उपभोक्ता से लेबर फीस और टेस्टिंग फीस वसूला है।