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Chandigarh News: मदरसे के बच्चे को स्कूल ने नहीं दिया दाखिला, शिक्षा सचिव को भेजी शिकायत

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चंडीगढ़। मदरसे में पढ़ाई करके आए बच्चे को जीएमएसएसएस-45सी में दाखिला नहीं दिया गया। अभिभावक ने इसकी शिकायत शिक्षा सचिव को दी।अभिभावक ने कहा कि वें बच्चे के दाखिले के लिए स्कूल और डीईओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने प्रधानाचार्य पर भी अशिष्ट व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं।
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हाल में बच्चा मदरसे में पढ़ रहा था। अब पांचवीं कक्षा के लिए स्कूल में दाखिला लेने के लिए अभिभावक ने सेक्टर-45सी के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आवेदन किया। शिक्षा सचिव अभिजीत विजय चौधरी को अभिभावक ने मंगलवार दोपहर 1:54 बजे ईमेल पर शिकायत दी। अभिभावक ने शिकायत में बताया कि वह एक अप्रैल से दाखिले के लिए आवेदन किया। 18 अप्रैल को दोबारा स्कूल जाने पर उन्हें अध्यापिका सुमन ने विद्यालय छोड़ने का प्रमाणपत्र लेकर आने के लिए कहा। 20 अप्रैल को अभिभावक विद्यालय छोड़ने का प्रमाणपत्र लेकर गए तो उन्हें यह कहकर दाखिला नहीं दिया कि मदरसा क्लस्टर स्कूल के अंदर ही आता है।
22 अप्रैल को अभिभावक डीईओ कार्यालय गए और सारी जानकारी दी, जिस पर उन्हें प्रधानाचार्य से संपर्क कर दोबारा वापस स्कूल जाने के लिए कहा। उसी दिन अभिभावक फिर स्कूल गए तो उन्हें बताया प्रधानाचार्य स्कूल में नहीं है। अगले दिन फिर जाने पर प्रधानाचार्य ने डीईओ कार्यालय से कोई भी जानकारी मिलने से इन्कार कर दिया। इस पर अभिभावक दोबारा डीईओ कार्यालय गए, जहां उन्हें फिर वापस स्कूल जाने की सलाह दी गई। दोबारा जीएमएसएसएस-45 सी जाने पर प्रधानाचार्य ने सेक्टर-45ए के स्कूल में दाखिला लेने के लिए भेजा, जहां दाखिला प्रभारी ने अभिभावक को सीट न होने के तहत मना कर दिया। इस पर अभिभावक फिर जीएमएसएसएस-45सी के प्रधानाचार्य से बात की। शिकायत में अभिभावक ने विशेष समुदाय का होने से प्रधानाचार्य के सही से बात न करने और बच्चे का दाखिला न करने के आरोप लगाए। अभिभावक ने आरटीई एक्ट के तहत दाखिला मिलने की बात कही।
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जीएमएसएसएस-45 सी की प्रधानाचार्य ने दाखिला न देने के पीछे अभिभावक के पास असली दस्तावेज न होना बताया। बच्चे का विद्यालय छोड़ने का प्रमाणपत्र असली नहीं है और न ही उसमें उसकी जन्म तिथि है। प्रधानाचार्य ने कहा उन्होंने बच्चे का दाखिले के लिए प्रवेशपत्र लेने से कभी इन्कार नहीं किया।
अभिभावक के वकील ने बताया कि शिक्षा विभाग से उनकी शिकायत के मामले को डीईओ कार्यालय को सौंपने की जानकारी दी है। डीईओ बिंदु अरोड़ा से मामले के बारे में पूछने पर उन्होंने आज अभिभावक को स्कूल आने के लिए कहा है।
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