हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और हजकां में गठबंधन पर अंतिम निर्णय जल्द होने के आसार है। चुनावी तैयारी और गठबंधन के मसले पर केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सौंप दी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि शाह कभी भी सीटों के बंटवारे और सीएम पद के उम्मीदवार के मसले पर बातचीत के लिए हरियाणा जनहित कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप विश्नोई को दिल्ली बुला सकते हैं।
सियासी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें यही बात सामने आई है कि सीटों को लेकर सरकार जो भी समझौता करें लेकिन सीएम पद का प्रत्याशी भाजपा का होना चाहिए।
'सीएम के प्रत्याशी' पर गठबंधन का भाग्य
रिपोर्ट के अनुसार कुलदीप को सीएम पद के प्रत्याशी की दावेदारी से पीछे हटने को कहा जा सकता है। हालांकि कुलदीप पहले ही अपनी राय स्पष्ट कर चुके हैं।
पूर्व में हुए गठबंधन पर हजकां आज भी कायम है लेकिन सीएम के पद उम्मीदवार को लेकर दबाव बनाया गया तो गठबंधन की गांठ खुल सकती है।
फिलहाल भाजपा इस मुद्दे को अधिक नहीं खींचना चाहती है। आने वाले दो से तीन दिन में पार्टी इस पर निर्णय लेकर पार्टी का स्टैंड साफ कर देगी। हरियाणा भाजपा के नेताओं ने भी शाह से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ठ करने के लिए कहा है।
गठबंधन पर टिका आगे की रणनीति
विधानसभा चुनाव निकट आते देख पार्टी को उसी हिसाब से अपनी तैयारियां करनी होंगी। फिलहाल दोनों पार्टियां सभी 90 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी पूरी करके चल रही हैं।
गठबंधन पर फैसला होते ही उसी हिसाब से आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। भाजपा विधायक दल के नेता पहले ही गठबंधन के खिलाफ हैं। वे कई बार मीडिया में कुलदीप और गठबंधन के खिलाफ बयान दे चुके हैं। विज बिल्कुल नहीं चाहते कि हरियाणा में यह गठबंधन एक कदम भी आगे बढ़े।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगावार ने बताया कि हम पार्टी की तरफ से असेसमेंट करने गए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को स्थिति स्पष्ट करके बता दिया गया है।