महिलाओं के लिए फायर विभाग में शारीरिक योग्यता परीक्षण के लिए कोई नियम न होने पर महिला को पुरुषों के साथ परीक्षण के लिए बुलाने के चंडीगढ़ नगर निगम के फैसले को महिला ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
खरड़ निवासी रेखा रानी ने बताया कि उसके पिता सरकारी नौकरी में थे और माली का काम करते थे। 12 जुलाई 2014 को उसके पिता की सेवा में रहते मौत हो गई। याची की मां की पहले ही मौत हो चुकी है। ऐसे में 2015 में याची ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया। इस आवेदन के बाद भी किसी न किसी कारण से अधिकारी याची के दावे को टालते रहे। इसके चलते याची ने 2016 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
2019 में हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याची के दावे पर विचार का आदेश दिया था। इसके बाद चंडीगढ़ नगर निगम ने याची को फायरमैन पद पर नियुक्ति के लिए ऑफर दिया। याची ने ऑफर को स्वीकार कर लिया। अब याची को 27 मई को शारीरिक परीक्षण के लिए बुलाया गया है। याची ने जब पता किया तो पता चला कि महिलाओं के शारीरिक परीक्षण के लिए कोई मानक नहीं है। याची का पुरुषों के लिए तय मानकों के अनुरूप ही परीक्षण किया जाएगा। याची ने इसे गलत बताते हुए शारीरिक योग्यता परीक्षण से छूट देने की मांग की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।