मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, दिए निर्देश
चंडीगढ़। सरकार ने लाल डोरा में मालिकाना हक का प्रमाण पत्र देने के लिए जारी प्रॉपर्टी आईडी, जमीन से संबंधित मसावी (नक्शा) और मरब्बा पत्थर लगाने से संबंधित समस्याओं को निपटाने के लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन तय की है। इस संबंध में मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वीरवार को यहां लार्ज स्केल मेपिंग प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बताया कि सभी जिलों में 191 वर्क स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। इनमें हरसेक की ओर से आगामी सप्ताह में जीआईएस सॉफ्टवेयर इंस्टाल कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त मास्टर ट्रेनर के लिए नाम तय कर तुरंत मुख्यालय भेजें, ताकि उन्हें प्रशिक्षित किया जा सके। सभी उपायुक्त इस कार्य की समय-समय पर मॉनिटरिंग और निगरानी रखें। मुख्य सचिव ने कहा कि लार्ज स्केल मैपिंग का 3840 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र में 1077 स्क्वेयर किलोमीटर का सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से डाटा उपलब्ध करवाया जा चुका है। इसके अलावा 94 शहरी स्थानीय निकायों में 2849 स्क्वेयर किलोमीटर में से 55 शहरी स्थानीय निकायों में 1209 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह शेष कार्य जून 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और अंबाला में मुरब्बा स्टोन का कार्य 15 मई तक पूरा किया जाए। बैठक में बताया कि पंचकूला में मोरनी खंड के 172 बास में से 159 बास में मेपिंग का कार्य पूरा कर डिजिटल डाटा वन विभाग को उपलब्ध करवा दिया गया है। शेष 14 भोज में मेपिंग कार्य करने के लिए कमेटी गठित की गई है ताकि लक्ष्य अनुसार कार्य पूरा कर लिया जाए।
यूपी-हरियाणा बाउंड्री पर पिलर लगाने में तेजी लाने के निर्देश
संजीव कौशल ने कहा कि यूपी इंटर स्टेट बाउंड्री पर पिलर लगाने के कार्य में भी तेजी लाई जाए। बैठक में बताया कि करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल में 1218 पिलर लगने हैं। इनमें से 527 लगाए जा चुके है। इसके अलावा स्वामित्व योजना के तहत फरीदाबाद, भिवानी व कुरुक्षेत्र में लगभग कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष जिलों भी ग्रीविंस रिड्रेसल पोर्टल पर आई शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर मार्च माह के अंत तक अवश्य निपटान किया जाए।