काफी देर तक जब वह घर नहीं आया तो उन्होंने अधिराज को ढूंढना शुरू किया। अधिराज की काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो करीब 1.30 बजे उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस के साथ पूरे गांव में बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने कई बार घर के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा खंगाला। कई बार सीसीटीवी देखने के बाद तीन बच्चे पड़ोसन के घर जाते दिखे। उसमें से दो बच्चे तो वापस आते दिखाई दिए लेकिन अधिराज वापस नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने पड़ोसी के घर अच्छी तरह से खंगाला तो घर में रखी वाशिंग मशीन के ड्रायर में से कंबल में लिपटा हुआ अधिराज का शव मिला। जिसके ऊपर अन्य कपड़े डाले हुए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया।
करीब चार घंटे पहले ही हो गई थी अधिराज की मौत
मां समेत पूरा परिवार जब अधिराज को इधर-उधर ढूंढ रहा था और गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट करवा रहा था, उस समय तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। सिविल अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर भरमिंदर सिंह बैंस ने बताया कि बच्चे की लाश देखकर प्रतीत होता है कि उसकी मौत करीब तीन-चार घंटे पहले ही हो गई थी।
सही तथ्यों का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही लगेगा। डीएसपी हरिंदर सिंह गिल ने कहा कि पड़ोसन राज और अन्य लोगों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ जारी है। वहीं बच्चे की मां सुनीता बार-बार आरोप लगा रही थी कि पड़ोसियों ने ही उसके मासूम लाल की जान ली है।
बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। थाना कोतवाली के एसएचओ इंस्पेक्टर सतपाल पर आधारित टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में दो-तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हरिंदर सिंह गिल, डीएसपी सब-डिवीजन