रजिस्ट्री करवाने आए कस्बा आदमपुर के गांव जमशेर के रणजीत सिंह ने कहा कि दो दिन से सुबह आठ बजे डीसी दफ्तर आ रहा हूं लेकिन काम नहीं हो सका। हम कर्मचारियों के दफ्तरों के बाहर कागजों की तस्दीक के लिए उनके दफ्तरों के बाहर दिनभर बैठे रहते हैं और वो धरने पर, सरकार और प्रशासन की नाकामी का शिकार लोग हो रहे हैं। जब मांगे मान ली थी तो पूरी क्यों नहीं की, सरकार और प्रशासन को लोगों की परवाह नहीं है, कर्मचारियों की हड़ताल से अधिकारी मुक्त है और मुख्यमंत्री तो पंजाब छोड़कर दूसरे राज्यों में प्रचार कर बड़ी-बड़ी डींगे मार रहे हैं पर काम कुछ नहीं दिख रहे।
नकोदर से आए फौजा सिंह रेवेन्यू केसों की सुनवाई के लिए पहुंचे थे लेकिन स्टाफ के दरिया बिछाकर बाहर बैठे देख निराश होकर लौट गए। जाते हुए फौजा सिंह ने कहा कि अफसरों के बैठने से क्या होता है, जब मुलाजिम ही कलम छोड़कर बैठे हों। सरकार के वादे लोगों के रोजमर्रा के कामों को नहीं होने दे रही।