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Chandigarh: हरियाणा-पंजाब के सीएम ही करेंगे SYL मुद्दे का समाधान, 14 अक्तूबर को होगी मान-मनोहर की बैठक

Tue, 11 Oct 2022 11:22 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सतलुज यमुना लिंक नहर का मुद्दा हरियाणा और पंजाब के लिए काफी अहम है। दोनों प्रदेशों की राजनीति में ये मुद्दा काफी बड़ी भूमिका निभाता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दोनों राज्यों के साथ बैठकर इस मामले का हल निकालने को कहा था।  
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भगवंत मान और मनोहर लाल। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के दशकों पुराने विवाद को निपटाने के लिए 14 अक्तूबर को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान की बैठक होगी। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है और इसमें केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिध मौजूद नहीं रहेगा। 15 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में दोनों राज्यों को जवाब दाखिल करना होगा।

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इसी बीच एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल हरियाणावासियों का हक है और यह उन्हें अवश्य मिलेगा। अब इस मामले में एक समय सीमा तय होना जरूरी है। उधर, पंजाब का रुख इस मामले में कड़ा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान दिया है कि बैठक सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है। राज्य के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी और वह पूरी तैयारी के साथ बैठक में जाएंगे। इससे पहले मान ने अधिकारियों और पंजाब के एजी की बुधवार को बैठक बुलाई है।

आम आदमी के कदम का इंतजार: आम आदमी पार्टी को इस मामले में कोई भी बयान देने से पहले शब्दों का चयन तलवार की धार पर करना होगा। हरियाणा में आदमपुर उपचुनाव है। इस मुद्दे पर अगर पंजाब सरकार बैठक के बाद सूबे के हित में बयान देती है तो आदमपुर में नुकसान हो सकता है और अगर नहीं देती है तो पंजाब के किसान नाराज हो सकते हैं।

कैप्टन और केजरीवाल के साथ भी बैठक कर चुके हैं मनोहर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल एसवाईएल के मुद्दे पर पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक कर चुके हैं। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हरियाणा सीएम निवास पर आए थे उस समय भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस मुद्दे की मॉनिटरिंग कर चुके हैं लेकिन हल नहीं निकला।
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हरियाणा अब तक यह प्रयास कर चुका
  • छह मई 2022 को एक अर्ध-सरकारी पत्र केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को भेजा गया, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दूसरे दौर की बैठक जल्द बुलाने का अनुरोध किया गया था।
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी इस विषय में एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखा था।
  • बैठक के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को भी तीन अर्ध-सरकारी पत्र लिखे गए थे।

पानी पर पंजाब-हरियाणा की चर्चा का मतलब नहीं: सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेताया है कि पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे पर चर्चा करने का सवाल ही नहीं है। शिअद अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर अपने हरियाणा समकक्ष के साथ मीटिंग करने से पहले पंजाब सरकार का रुख स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि नदी के पानी पर पंजाब का विशेष अधिकार है और हरियाणा गैर रिपेरियन राज्य होने के नाते इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के साथ चर्चा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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