आम आदमी के कदम का इंतजार: आम आदमी पार्टी को इस मामले में कोई भी बयान देने से पहले शब्दों का चयन तलवार की धार पर करना होगा। हरियाणा में आदमपुर उपचुनाव है। इस मुद्दे पर अगर पंजाब सरकार बैठक के बाद सूबे के हित में बयान देती है तो आदमपुर में नुकसान हो सकता है और अगर नहीं देती है तो पंजाब के किसान नाराज हो सकते हैं।
कैप्टन और केजरीवाल के साथ भी बैठक कर चुके हैं मनोहर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल एसवाईएल के मुद्दे पर पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक कर चुके हैं। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हरियाणा सीएम निवास पर आए थे उस समय भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस मुद्दे की मॉनिटरिंग कर चुके हैं लेकिन हल नहीं निकला।
हरियाणा अब तक यह प्रयास कर चुका
- छह मई 2022 को एक अर्ध-सरकारी पत्र केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को भेजा गया, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दूसरे दौर की बैठक जल्द बुलाने का अनुरोध किया गया था।
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी इस विषय में एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखा था।
- बैठक के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को भी तीन अर्ध-सरकारी पत्र लिखे गए थे।
पानी पर पंजाब-हरियाणा की चर्चा का मतलब नहीं: सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेताया है कि पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे पर चर्चा करने का सवाल ही नहीं है। शिअद अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर अपने हरियाणा समकक्ष के साथ मीटिंग करने से पहले पंजाब सरकार का रुख स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि नदी के पानी पर पंजाब का विशेष अधिकार है और हरियाणा गैर रिपेरियन राज्य होने के नाते इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के साथ चर्चा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।