जंगल के रास्तों के बीच साइक्लिंग का लुत्फ उठाने के लिए लोगों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। अगले महीने शुरू हो सकती है। पहले नवंबर से साइक्लिंग शुरू होने वाली थी, लेकिन अब यह 15 दिसंबर के आसपास शुरू होनी है। ट्रैक तैयार है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों की वजह से संभव नहीं हो पाया।
इससे साइक्लिंग करने वाले लोगों में निराशा है। हालांकि पर्यावरण विभाग के डायरेक्टर संतोष कुमार ने दावा किया है कि दिसंबर में ट्रैकिंग हर हाल में होकर रहेगी। इसके लिए जल्द तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
तीन किलोमीटर का है ट्रैक
सुखना लेक के पीछे लगते जंगल के एरिया में साइक्लिंग का ट्रैक तैयार किया गया है। यह ट्रैक तो वैसे तीन किलोमीटर लंबा है, लेकिन साइक्लिंग के दौरान तीन किलोमीटर जाना और तीन किलोमीटर वापस गिना जाएगा।
इससे करीब छह किलोमीटर तक साइक्लिंग होगी। इस ट्रैक की खूबसूरती यह है कि इसके दोनों तरफ जंगल है। सुखना लेक का किनारा है। मिट्टी का ट्रैक बना हुआ है।
हर महीने हो रही है ट्रैकिंग
शहरवासियों का पर्यावरण और पर्यटन की तरफ झुकाव को देखते हुए पर्यावरण विभाग ने हर महीने ट्रैकिंग करवाने का फैसला लिया था। अब हर महीने एक वीकेंड पर ट्रैकिंग होती है।
ट्रैकिंग का रूट करीब सात किलोमीटर का होता है। यह ट्रैकिंग नेपली से कांसल जंगल की ओर आयोजित होती है। इसी के तर्ज पर हर महीने साइक्लिंग कराने का फैसला लिया गया था।