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सुविधा: यहां सिर्फ 60 हजार में कराएं एंजियोप्लास्टी

Sun, 29 Nov 2015 01:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जीएमसीएच-32 में स्थापित रीजन की दूसरी कैथ लैब में एंजियोप्लास्टी शुरू हो गई है। यह दिल के मरीजों के लिए बड़ी राहत की बात है। पीजीआई में लंबी वेटिंग लिस्ट होने के कारण मरीजों को प्राइवेट हास्पिटल की ओर ही रुख करना पड़ता था।
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प्राइवेट हास्पिटल में सिंगल वेसल्स की एंजियोप्लास्टी का रेट करीब डेढ़ लाख रुपये से लेकर साढ़े तीन लाख रुपये तक है, जबकि जीएमसीएच-32 में मात्र 55-60 हजार रुपये में एंजियोप्लास्टी होगी। एक हफ्ते के भीतर पांच मरीजों की एंजियोप्लास्टी की जा चुकी है। सभी एंजियोप्लास्टी के रिजल्ट भी बहुत ही अच्छे आए हैं।

जीएमसीएच 32 में करीब एक महीने पहले कैथ लैब इंस्टाल कर दी गई थी। उसके बाद उसके उद्घाटन पर विचार किया जा रहा था, लेकिन मरीजों की लंबी वेटिंग को देखते हुए कैथ लैब को शुरू कर दिया गया है। अब इसका उद्घाटन बाद में किया जाएगा, लेकिन प्रोसीजर शुरू कर दिया गया है।
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इससे पहले एंजियोग्राफी का काम शुरू किया जा चुका था। जीएमसीएच 32 के कार्डियोलाजिस्ट जीतराम कश्यप ने बताया कि पहली एंजियोप्लास्टी 60 वर्षीय एक व्यक्ति पर की गई है। मरीज को अगले ही दिन घर भेज दिया गया था। अब तक पांच एंजियोप्लास्टी के अलावा 3 कॉरोटिड और 5 पेरीफेरल केसों में एंजियोग्राफी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा चुका है।

सिर्फ एक कार्डियोलाजिस्ट के सहारे कैथ लैब
कैथ लैब में प्रोसीजर तो शुरू हो गई है, लेकिन इसे संचालित करने के लिए काफी भारी-भरकम स्टाफ की जरूरत पड़ती है। जीएमसीएच-32 में सिर्फ एक ही कार्डियोलाजिस्ट हैं। फिलहाल डॉ. जीत राम कश्यप ही अकेले ही कैथ लैब को संचालित कर रहे हैं।

कैथ लैब को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जीएमसीएच-32 को पीजीआई से ट्रेंड 11 स्टाफ नर्स व तीन टेक्नीशियन मिल चुके हैं, लेकिन अतिरिक्त स्टाफ की मंजूरी अब तक नहीं मिली है। अतिरिक्त स्टाफ में तीन फैकल्टी मेंबर, 15 सीनियर रेजिडेंट, 40 नर्सें व 15 टेक्नीशियन की जरूरत है।

जीएमसीएच प्रशासन की ओर से स्टाफ का प्रपोजल कई महीने पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजा गया था, लेकिन अब तक इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। यदि इस पर जल्दी फैसला हो जाए तो मरीजों को फायदा मिलने लगे।
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